क़िताबें

व्यक्तित्व

इंदौर। हिन्दी भाषा के प्रचार के लिए निरंतर सक्रियता से कार्यरत मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ को वैश्विक संस्था वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेन्स द्वारा शनिवार को होटल शेरेटन ग्रेंड में सम्मानित किया गया। इस मौके पर फ़िल्म अभिनेता कमल घिमिरेय, राजस्थान के लोक गायक मोती […]

इंदौर। मालवा की धरती से राष्ट्रवाद के स्वर को देशभर में पहुँचाने वाले राष्ट्रीय कवि सत्यनारायण सत्तन की कृति ‘मन मालव’ का लोकार्पण रविवार 5 अप्रैल को श्रीमध्यभारत हिंदी साहित्य समिति में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विक्रम विश्वविद्यालय के कुलानुशासक डॉ. शैलेन्द्र शर्मा रहे और अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार […]

‘वीणा की वाणी’ में जुटे देशभर के साहित्य संपादक इंदौर। प्रदेश की साहित्यिक राजधानी इंदौर में साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश शासन द्वारा देअविवि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कम्प्यूटर साइंस विभाग में साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं का दो दिवसीय समागम आयोजित किया गया, जिसमें देश के कई स्थानों से सम्पादक सम्मिलित हुए। प्रथम दिवस ’देश […]

इंदौर। मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी द्वारा 30 और 31 मार्च को इंदौर में आयोजित किया जा रहा दो दिवसीय ‘साहित्यिक पत्रिका समागम’ देशभर की साहित्यिक पत्रकारिता से जुड़े संपादकों, लेखकों, शोधार्थियों और प्रकाशन विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर लाने वाला महत्त्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। हिंदी सहित भारतीय […]

यूं ही नहीं लिख जाती, फिर कोई कविता।। बार-बार पढ़ना पड़ता है, अतीत के पन्नों को, और बार-बार पकड़ना पड़ता है, वर्तमान की परछाइयों को, यादों के झरोखे, बारी-बारी से बंद और खोले जाते हैं, तब कहीं रचती है एक नई कविता।। कभी गोते लगाना पड़ते हैं, कल्पनाओं के समुन्दर […]

शब्दों को एक माला मे पिरोना उन्हें भावों के धागो मे बांधना चुन चुन कर विभिन्न रस से जोड़ अपने मन की बात को रखना किस ने सोचा मैं ये सब कर पाऊँगी कभी सोचा ना था मैंने भी की मैं कविता लिख पाऊँगी धन्यवाद इस कला का जिसने इतना […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।