समान शिक्षा हो, अनिवार्य शिक्षा हो, फ़्री शिक्षा। चिकित्सा भी समान तथा फ़्री हो। भाषा-विवाद समाप्त हो, (हिंदी,अंग्रेज़ी,मातृभाषा)। सैन्य-शिक्षा अनिवार्य हो, (अनुशासन तभी संभव होगा)। पंद्रह वर्षों में देश का कायाकल्प तय है। बैंक और डाक का राष्ट्रीयकरण हो। मेरा भारत महान्। देशहित में जोड़ें और आगे बढ़ाऍं। राजकुमार कुम्भज, […]

​आज के डिजिटल युग में, सिर्फ़ एक अच्छी किताब लिखना ही काफ़ी नहीं है। एक लेखक के रूप में अपनी पहचान बनाना और अपनी रचनाओं को पाठकों तक पहुँचाना भी उतना ही महत्त्वपूर्ण है। मीडिया के विभिन्न रूप आप परंपरागत समाचार पत्रों से लेकर अत्याधुनिक सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म तक पहुँचकर […]

​नशे के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाना हमारा युद्ध है और इसे हमें ही लड़ना है और हमें ही जीतना है – डॉ. निखिल ओझा ​इंदौर। साहित्य और सामाजिक जागरुकता को समर्पित शहर की प्रतिष्ठित संस्था वामा साहित्य मंच द्वारा नशा निरोधक दिवस के उपलक्ष्य में विशेष मासिक गोष्ठी का आयोजन किया […]

बुद्ध जयंती विशेष ● प्रो. सुरेंद्र दुबे आज दुनिया बारूद की ढेर पर बैठी है। चारों ओर विध्वंस और विप्लव की ज्वाला धधक रही है। जहाँ शांति दिख रही है, वहाँ भी भीतर-भीतर एक चिंगारी महसूस की जा सकती है। बड़े-बड़े देशों के कर्णधार ऊपर-ऊपर से शांति पाठ करते दिखते […]

आदरांजलि – फ़ोटोग्राफ़ी क्षेत्र के शुरुआती दिनों में हर उभरता हुआ फ़ोटोग्राफ़र रघु राय की फ़ोटोग्राफ़ी का दीवाना हो जाता है। उनकी ‘ब्लैक एंड व्हाइट’ तस्वीरों में जो नाटकीयता और गहराई होती है, वह किसी को भी मंत्रमुग्ध करने के लिए काफ़ी है। फ़ोटोग्राफ़ी जब केवल एक तकनीक थी, तब […]

इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के तुलनात्मक भाषा एवं संस्कृति अध्ययनशाला, मातृभाषा उन्नयन संस्थान तथा भारतीय भाषा शिक्षण, मालवा प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। विभागाध्यक्ष प्रो. प्रीति सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का विषय ‘शिक्षा में रामत्व’ और ‘अनुवाद’ एवं ‘कविता से कमाई’ […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।