क़िताबें

व्यक्तित्व

स्टॉल बुकिंग के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू नई दिल्ली। विश्व पुस्तक मेले का 54वां संस्करण अगले वर्ष 16 से 24 जनवरी 2027 तक प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम के हॉल नंबर 2 से 6 में आयोजित किया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस मेले में ‘इंडिया […]

प्रेम की बात को आप सुन न सको शोर इतना नहीं मूक संसार में। (1) प्रेम सागर को भी, प्रेम गागर को भी, प्रेम प्यासे को भी, प्रेम पनघट को भी, प्रेम ने बैर झूठे चखे शबरी के, प्रेम ने राह दिखलाई केवट को भी। प्रेम की लात जो छू […]

पूसा मेला 2026 सुबह की हल्की धूप में जब हम सहेलियाँ हँसते-बतियाते पूसा के विशाल द्वार तक पहुँचीं, तो लगा जैसे किसी मेले में नहीं, बल्कि स्मृतियों की देहरी पर खड़ी हूँ। सामने था वही प्रतिष्ठित परिसर, इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी पूसा, जहाँ कभी मेरे पापा जी ने मिट्टी […]

गाड़ी जब रुकेगी जाम में या लाल बत्ती पर, तो आएगा कोई साँवला-सा लड़का, शीशा साफ़ करेगा। हमारे रोकने पर भी नहीं रुकेगा, और फिर पारदर्शी दीवार के बाहर खड़ा रहेगा दो क्षण। पैसे न मिलने पर गिड़गिड़ाएगा, धीमे स्वर में जैसे मंत्र पढ़ रहा हो। फिर भी यदि हम […]

इन्दौर। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के प्रतिष्ठा प्रसंग हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह 2026 के दौरान इन्दौर प्रेस क्लब में लेखिका संध्या राणे के कविता संग्रह ‘शुभम् करोति’ का लोकार्पण हुआ। पुस्तक को संस्मय प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है। लोकार्पण मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल वी एस कोकजे, देवी […]

नर्मदाप्रसाद उपाध्याय और अतुल तारे को मिला हिन्दी गौरव अलंकरण 2026 इच्छाशक्ति के बलवान होने से मातृभाषाओं की समृद्धता होगी- श्री कोकजे हिन्दी के साथ-साथ देवनागरी का साथ ज़रूरी- प्रो. सिंघई हिन्दी के सम्मान के लिए इसे कार्यव्यवहार में लाएँ- प्रो. द्विवेदी साहित्य और कला के अन्तरनुशासन की आवश्यकता- श्री […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।