हमारी दांडी यात्रा सुबह जल्दी उठने से मेरा कोई विशेष लगाव नहीं है इसलिए जब मुझे बताया गया कि सूर्योदय के समय दांडी भ्रमण का विशेष आनंद है तो मैंने पूछा कि लगभग वैसा ही आनंद सूर्यास्त के समय नहीं रहता होगा? संतोषजनक स्पष्टीकरण ना मिलने से हमने दांडी शाम […]

युवाओं की ऐसी पौध ही कवि सम्मेलन का भविष्य- डॉ. दवे प्रतियोगिता में रुद्र प्रथम, सक्षम द्वितीय और मनीष रहे तृतीय। इन्दौर। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के प्रकल्प नवरस का काव्य उत्सव रविवार को इंदौर प्रेस क्लब के राजेन्द्र माथुर सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि साहित्य अकादमी के निदेशक […]

दिल्ली । हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्यरत संस्थान मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा गंतव्य संस्थान के संस्थापक एवं हिन्दी सेवी डॉ. अरविंद त्यागी को भाषा सारथी सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान संस्थान की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भावना शर्मा द्वारा दिया गया। ज्ञात हो कि डॉ. […]

दिल्ली । हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्यरत संस्थान मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा ख्यात ग़ज़लकार एवं हिन्दी सेवी मंगल नसीम को भाषा सारथी सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान संस्थान की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भावना शर्मा द्वारा दिल्ली में दिया गया। ज्ञात हो कि मंगल नसीम […]

डॉ. बेचैन के प्रथम पुण्य स्मरण पर स्मरण सभा आयोजित डॉ. बेचैन जी की अनुभूतियाँ हमारे साथ- गौरव साक्षी इन्दौर । मातृभाषा उन्नयन संस्थान व डॉ. कुँअर बेचैन स्मृति न्यास, ऑस्ट्रेलिया द्वारा संयुक्त रूप से इन्दौर, मध्यप्रदेश में डॉ. कुँअर बेचैन जी के प्रथम पुण्य स्मरण पर स्मरण सभा रखी। […]

नीहार गीते के कहानी संग्रह मेहंदी लिया मोतीझील से के विमोचन सम्पन्न इंदौर। ‘जो नहीं कहा गया, उसको कहने का उपक्रम है कहानी।साहित्यकार ने परकाया में प्रवेश कर लिखा।’ यह बात वरिष्ठ कवि एवं कुशल संचालक श्री सत्यनारायण सत्तन के हैं, जो उन्होंने वरिष्ठ कथाकार नीहार गीते के कहानी संग्रह […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।