दक्षिण सिनेमा में तेलगू, मलयालम, कन्नड़ भाषी फिल्में होती है, इत्र अपनी महक देगा ही देगा वेसे ही दक्षिण भारतीय फिल्मों ने न केवल देश मे विदेशों तक अपनी साख बना ली है, बाहुबली ने चाइना में 2000 करोड़ का व्यापार किया था, बाहूबली, रोबोट, अपरिचित जैसी फिल्मों ने न […]

लाल कप्तान फ़िल्म समीक्षक इदरीस खत्री द्वारा समीक्षा निर्देशक-नवदीप सिंह अदाकार-सैफ अली, दीपक डोबरियाल, ज़ोया हुसैन, मानव विच, सिमोन सिंह, सौरभ सचदेव संगीत-समीरा कोप्पिकर फ़िल्म से पहले एक चर्चा भारतीय सिनेमा में पहली बार किसी नागा साधु का किरदार सैफ अली द्वारा निभाया जा रहा है, पाइरेट्स के जैक स्पैरो […]

वार एक्शन पैक्ड धमाका लेखक-निर्देशक सिद्धार्थ आनन्द, अदाकार ऋतिक रोशन, टाइगर श्रॉफ,वाणी कपूर, आशुतोष राणा, दीपानिता शर्मा, अनुप्रिया गोयन्का संगीत विशाल शेखर, बड़ी फिल्म पर फ़िल्म पर एक छोटी चर्चा तो बनती है,, फ़िल्म का शूट 2018 जनवरी के दूसरे सप्ताह से शुरू हुआ था, जो कि 2019 तक चला, […]

सम्मान पर चर्चा से पहले दादा साहेब कौन थे और भारतीय सिनेमा में क्या योगदान था यह समझ लेते है, दादा साहेब फाल्के भारतीय सिनेमा के जनक या पिता कहे जाते है, भारतभूमि को पहली चलचित्र फीचर फ़िल्म इन्ही की सौगात थी, देश के सिनेमा का अति गौरवपूर्ण, प्रतिष्ठित सम्मान […]

अपने देश में दादा साहब फाल्के अवार्ड अभिनय के क्षेत्र में दिया जाने वाला सबसे बड़ा पुरस्कार है जिसे देश के सबसे बड़े अभिनेता को दिये जाने की खबर सुनकर हर किसी को एक सुखद अनुभूति हो रही है। चार दशक से भारतीय सिनेमा का अहम हिस्सा रहे अमिताभ बच्चन […]

सेक्शन 375, मर्जी या ज़बरदस्ती निर्देशक;- बहल जटिल विषय का सटीक चित्रण बलात्कार ■ मुख्तसर चर्चा दोस्तों विषय बेहद संवेदनशील होने के साथ भावनात्मक भी है, इंडियन पैनल कोड की यह धारा 375 लैंगिक अपराध के संदर्भ में ही रखी गई है, यह एक वीभत्स अपराध जो महिलाओं के शरीर […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।