साहित्यकार अनिता मंदिलवार सपना अंबिकापुर सरगुजा छतीसगढ़ को सागर कला भवन, एस बी सागर इन्स्टीट्यूट आफ आर्ट यू पी एवं रिया जनसेवा एवं शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान द्वारा इंडियन आर्टिस्ट अवार्ड 2021* से सात मई को इंडियन आर्ट डे के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा । यह अवार्ड उत्कृष्ट रचना के […]

इन्दौर। कोरोना काल की भयावहता के बावजूद मातृभाषा उन्नयन संस्थान के सेवा सर्वोपरि समूह द्वारा मरीज़ों और उनके परिजनों के लिए शासकीय अस्पतालों के बाहर जाकर, सड़कों पर खड़े पुलिसकर्मियों को लगातार पानी की बोतलें, खाद्य सामग्री का वितरण किया जा रहा है। यश ड्रिंकिंग वॉटर, इन्दौर के श्याम प्रेमचंदानी […]

चैनपुर | चैनपुर , सीवान, बिहार के प्रख्यात युवा साहित्यकार रूपेश कुमार के चाची जी उर्फ छोटी माता जी का निधन हो गया ! भोपाल , मध्यप्रदेश मे रहते हुए इस सांसारिक मे आध्यात्मिक दुनिया मे परम विश्वासी धर्मप्राणाया माता श्रीमती कमला सिन्हा, पति श्री एस. प्रसाद जी की इस […]

इन्दौर। अहिल्या की नगरी इन्दौर हमेशा से ही सेवा की मिसाल बनता रहा है। कोरोना जैसे आपदा में जब लोग अस्पतालों से दूर भाग रहे, ऐसे में मरीज़ों और उनके परिजनों के लिए शासकीय अस्पतालों के बाहर जाकर, सड़कों पर खड़े पुलिसकर्मियों को सेवादूत लगातार पानी आदि सामग्री देकर सेवाएँ […]

इंदौर। कहते हैं व्हाट्सअप और फ़ेसबुक केवल मनोरंजन का साधन हैं पर यहीं वर्तमान दौर में आए आपदा काल में महज़ कुछ ही कवि साथियों ने मिलकर देशभर में एक हज़ार से अधिक मरीज़ों के सहायक बनते हुए उनकी जान बचाई। मातृभाषा उन्नयन संस्थान एवं जैन कवि संगम समूह से जुड़े […]

गोरे मुखड़े पे घुंघराले बाल मैया जी बड़ी प्यारी लगे शचि साहित्य संगम संस्थान के योगशाला मंच पर 19 अप्रैल 2021 सोमवार को चैत्र नवरात्रि पर आनलाइन कवि सम्मेलन आयोजित किया गया देश के कोने-कोने से सम्मिलित कवि व कवित्रियों के द्वारा काव्यपाठ कर कार्यक्रम को सफल बनाया,इस कार्यक्रम के […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।