दुख भी सुख के आगे लाचार हो जाए,तुमको किताबों से अगर जो प्यार हो जाए। रोशनी का एक नया आफ़ताब मिलेगा,तुमको पढ़ने से केवल लाभ मिलेगा।किताबें जो रहीं सिरहाने तुम्हारे,ज़िंदगी में उड़ने का ख़्वाब मिलेगा।जीवन में ख़ुशियों का अंबार हो जाए,तुमको किताबों से गर जो प्यार हो जाए।। शिक्षा के […]
कविता दशक
सॉनेट शाला करूँ अर्पण-समर्पण मैं, जगे अभ्यास की ज्वाला। करूँ छंदों का तर्पण मैं, तृप्त हों हृद-सलिल-शाला। भवानी शारदा माता, रखूँगी एक अभिलाषा। सुमति अल्पज्ञ भी पाता, समर्पण ही सहज भाषा। जगाऊँ नाद मैं ऐसे, जगत गूँजे अलंकारों। सकल ब्रह्मांड में जैसे, शबद हुंकार चौबारों। सुगम-सी काव्यमंजूषा। छंद सॉनेट की […]
