वो बोलती हैं अपने समय को बताती हैं समाज की बातें भावनाएँ, पीड़ाएँ और चिन्तन सैकड़ों हज़ारों साल बाद भी दर्शाती हैं हालात उस समय के जब वो लिखी या गढ़ी जा रही थीं वो गाती हैं समाज के गीत को वो आईना दिखाती हैं हर हरकारे को इसीलिए तो […]

माँ का जब भी लिया नाम मिल गए तभी चारों धाम माँ ही प्रभु माँ ही भगवन माँ तुझे करते नमन वंदन। माँ कभी लगे धूप छाँव सी पहेली माँ कभी पाठशाला अलबेली सी माँ कभी डांटे तो कभी पुकारती माँ जीवन मूल्य का पाठ पढ़ाती। माँ की लोरी सरिता […]

वर्तुलाकार में घुमती ज़िन्दगी इसी चक्रव्यूह में रहने और निकलने के बीच दृश्य होती है, प्रकृति की अठखेलियों और मानव जीवन की समानता। देखती हूं अपनी खिड़की से एक छोटा टूकड़ा व्योम का उस पर टंका हुआ है चांद अपनी पूरी चांदनी बिखेरता कहीं दूर बैठी धरती पर। देख लेती […]

सच, माँ होती है पेड़ समान दोनों को करते हम प्रणाम । माँ हमको देती है जीवन पेड़ हमें देते हैं ऑक्सीजन मांँ देती है आंचल की छाया पेड़ देते हरे भरे पत्तों से छाया माँ प्यार से बनाती आहार पेड़- पौधे देते हैं फलाहार माँ निस्वार्थ प्यार करती है […]

वो जब भी ज़हन में आया – जाया करता है, दिल का काग़ज़ नम हो जाया करता है ! यूँ अंदर – अंदर सूखे के हालात बहुत, दिल बाहर – बाहर जश्न मनाया करता है ! दिल जैसे कोई डरा हुआ सा परिंदा जो, बस आहट पाते ही उड़ जाया […]

मैंने बदल दी है अपनी मंज़िल की अब राह आहिस्ता-आहिस्ता बस एक उम्मीद जिंदा मिले फैलाकर बाह आहिस्ता-आहिस्ता ज़रूरी नहीं कि पूरा हो हर एक ख़्वाब मेरा खुली आँखों से देखा बस किसी शायर भी मिले हाथ खोलकर वाह आहिस्ता-आहिस्ता चलते चलते थक गए है कदम मिरे अब किससे क्या […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।