क्या करे तुम्हारे घर आकर हम, अब तो याद नहीं करते हमे तुम। हम सदा आते थे,जब कभी बुलाते थे तुम, अब बुलाना छोड़ दिया,अब आए क्यो हम। याद करते रहते है हम ये जानते हो तुम, हिचकियां आती रहती है ये जानते है हम। ये मेरा घर नहीं है,तुम्हारा […]

हल किसान का नहिं रुके, मौसम का जो रूप हो। आँधी हो तूफान हो, चाहे पड़ती धूप हो।। भाग्य कृषक का है टिका, कर्जा मौसम पर सदा। जीवन भर ही वो रहे, भार तले इनके लदा।। बहा स्वेद को रात दिन, घोर परिश्रम वो करे। फाके में खुद रह सदा, […]

जब-जब पड़ी बूंदे पानी की जमीं पर यूं लगा सावन की बूंदों ने दस्तक दी हो मुरझाई सी, अलसाई सी बेलो को, लताओं को हरितमा के आंचल से ढक दिया बरस कर (१) गूंजने लगा बारिश की टिमटिमाहट का गुंजन मेंढकों की टर्र -टर्र और झीगुरों के आहटों से प्रकृति […]

देकर आँख में पानी, ये दुनियाँ मुस्कुराती है। तड़पता देख हमको ये, सदा ताली बजाती है।। लगे जब चोट कोई गहरी, दर्द हो दिल का कोई प्रहरी। मदद की भीख मांगे जो, हमें ठेंगा दिखाती है। देकर आँख में पानी…… भरोसा टूटता है जब, कोई घर लूटता है जब। ये […]

कृष्ण – सुदामा जैसे मेरे मित्र पग-पग पर साथ निभाते मित्र । महकतें आदर्श जिनके सर्वत्र सार्थक भाव का लगाकर इत्र ॥ दोस्ती है तो जिंदगी है पवित्र रब की ऐसी बंदगी है मित्र । सुख और दुःख का साथी अंधेरे मे उजाले की बाती मित्र ।। पढ लेना मन […]

आज महान उपन्यासकर व कहानीकार मुंशी प्रेम चंद जी का जन्म दिन है। वे अपने समय के महान उपन्यास कार थे। उन्होंने उस समय जो देखा वह लिखा। महान कथाकार और उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद ने अपने समय के अनेक विषयों पर अपनी बेबाक लेखनी चलायी. कालजयी पात्रों, चरित्रों, कहानियों […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।