लघुकथा पर गंभीर विमर्श के साथ लघुकथाकार होंगे सम्मानित दिल्ली। हिन्दी साहित्य की महनीय विधा है लघुकथा और इस विधा पर विमर्श स्थापित करने के उद्देश्य से मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा रविवार को राजधानी दिल्ली के आईटीओ रोड स्थित हिन्दी भवन में सायं 4 बजे से लघुकथा मन्थन आयोजित किया […]

हिन्दी भाषा की सेवा के लिए मातृभाषा उन्नयन संस्थान भाषा सारथी सम्मान से करता है सम्मानित लखनऊ। हिन्दी भाषा के विस्तार के लिए कार्य करने व सारथी समान हिन्दी की सेवा करने वाले हिन्दी प्रेमियों को हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्यरत संस्थान ’मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ द्वारा […]

बिसौली। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. निहाल चन्द्र शिवहरे को उत्तर प्रदेश के बदायूं जिलांतर्गत बिसौली में केबी हिन्दी सेवा न्यास के अष्टम अंतर्राष्ट्रीय साहित्यकार सम्मान समारोह में उनकी कृति “मेरी इक्यावन लघुकथाएँ ” के लिए प्रेमचंद स्मृति सम्मान “एवं उक्त कार्यक्रम में ही डा.मिथिलेश दीक्षित साहित्य -संस्कृति सेवा न्यास के प्रमुख […]

इन्दौर। जयपुर साहित्य संगीति “विशेष साहित्य सम्मान की घोषणा संयोजक अरविंद कुमार संभव ने की जिसमें इन्दौर के ख्यात लघुकथाकार राममूरत राही की कृति भूख से भरा पेट, मातृभाषा उन्नयन संस्थान की सदस्य देवास से यशोधरा भटनागर की कृति एल्बम व दिल्ली से मुकेश सिन्हा की कृति है ना! सहित […]

लखनऊ। कवयित्री मीरा मिश्रा की पहली पुस्तक काव्य संग्रह – एक और मीरा का विमोचन सोमवार शाम वरिष्ठ साहित्यकार साहित्य भूषण डाॅ. मिथिलेश दीक्षित की अध्यक्षता में हुआ। डाॅ. दीक्षित ने कहा कि रचनाकार को रचनाकर्म के लिये प्रेरणा तो कहीं से भी प्राप्त हो सकती है पर उसे खुद […]

अंतरराष्ट्रीय साहित्यकार सम्मान समारोह बिसौली में आयोजित अमेरिका, ताइवान, जर्मनी, नेपाल के साहित्यकारों सहित देश के 15 प्रान्तों के साहित्यकार हुए सम्मानित इन्दौर। हिन्दी के देशव्यापी प्रचार और प्रसार के लिए मातृभाषा उन्नयन संस्थान लगातार कार्यरत है। इस कड़ी में बिसौली, उत्तर प्रदेश में आयोजित आठवें अन्तरराष्ट्रीय साहित्यकार सम्मान समारोह […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।