वैचारिक महाकुंभ

मीटू आंदोलन भारत में महिलाओं के प्रति हमारा रवैया बदलेगा

इस आंदोलन को महानगरों से छोटे कस्बों, मीडिया से बिजनेस और राजनीति तक और सार्वजनिक जीवन से घरेलू यौन उत्पीड़न तक फैलना चाहिए. सार्वजनिक जीवन में हमने पहली चीज़ सीखी है कि आरोपों को सुनते वक्त उन्हें काफी ठोंक बजा कर ...

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तेज रेत सी तपती हूँ मै

तेज रेत सी तपती हूँ मै, एक कतरा पानी का जो मिल जाये। ये अगन प्यासे दिल की जो बुझ जाये। हो तुम मेरी जलती हुयी काया के सागर। इस रेत से जलती हुए बदन को दो बूँद पिला जाना। है प्रणय निवेदन की  तुम एक बार ...

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बसेरा

बसेरा बनाने निकल पड़ा हूँ,पर अंधकार बड़ा गहरा है। रौशनी भी कहीं नही है और जुगनुओं पर भी पहरा है।। डगर भी उथल पुथल है और कोहरा भी बड़ा गहरा है। रुकने का भी वक्त नही है और पैरों को थकन ने घेरा ...

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मचलती तमन्नाओं ने

मचलती तमन्नाओं ने आज़माया भी होगा बदलती रुत में ये अक्स शरमाया भी होगा पलट के मिलेंगे अब भी रूठ जाने के बाद लड़ते रहे पर प्यार कहीं छुपाया भी होगा अंजाम-ए-वफ़ा हसीं हो यही दुआ माँगी थी इन जज़्बातों ने एहसास जगाया भी होगा सोचना ...

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बुजुर्गों का बड़ों का सम्मान कर लेना

बुजुर्गों का बड़ों का सम्मान कर लेना नसीहत हमको देते है मान कर लेना उनकी दुआओं से चलते हैं खड़े होते हमारा वो सहारा है अभिमान कर लेना अगर वो नहीं होते मंजिल नहीं मिलती लगालो तुम गले से और मुस्कान कर लेना बचपन में खिलाया ...

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समझाइश 

अख़बार वाला रोजाना अख़बार डालता आ रहा है | मगर कुछ दिनों से अख़बार डाल नहीं रहा था | मैने अख़बार वाले की दुकान जाकर कहा - भाई क्या बात है अख़बार नहीं आ रहा है | उसने कहा अंकलजी ...

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हिन्दी

शिव शक्ति से जन्मा अक्षर बावन देवियो के बावन अक्षर जिनसे उपजी है हिन्दी गौरवमयी बनी है हिन्दी नवजात रुदन भी है हिन्दी पूरी दुनिया मे फैली है हिन्दी हिन्दी अक्षर अक्षय कहलाते संवाद का अच्छा माध्यम बन जाते कही आत्मा मे बसती हिन्दी कही व्यवसाय का माध्यम हिन्दी विक्रमशिला ...

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बिटिया का घर

बिटिया भी चिड़ियाँ होती है पर पंख नहीं होते उनके दो जगहों का सुंदर रिश्ता मायका, ससुराल पर घर नहीं होते उनके । जनम दिया जिस मात – पिता ने कहते बेटी तो परायी है ससुराल में जब जाती बेटी सास – ससुर कहते ..... ये तो परायी घर ...

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  • लेखक दीर्घा matrubhasha
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