राम को जपो श्याम को जपो जपो ब्रहमा विष्णु महेश को। पर मत छीनो लोगों से तुम उनके अधिकारो। राष्ट्र चरित्र का तुम सब कब करोंगे निर्माण? बहुत हुआ खेल अब जाती धर्म का देश में। कुछ तो अब शरम करो देश के निर्माताओं। कितने सारे त्यौहार एक तिथि पर […]

साहित्यकार रामलाल बीमार हैं, साहित्यकार बीमार होते हैं और नेता अस्वस्थ्य होते हैं । साहित्यकार, बीमारी को सुन्दर शब्दों में अस्वस्थ्य होना भले ही कह देते हों पर वे अस्वस्थ न होकर बीमार ही होते हैं । बीमार आम आदमी होता है खास आदमी तो अस्वस्थ्य ही होते है। साहित्यकार […]

खगोलीय परिवर्तन का अनूठा पर्व है आज उत्तरायण मे पधारने पर नमन ,हे सूर्य महाराज यह शुभघडी है सदसंकल्प की जिसमे सफल होते हर काज़ बुजुर्गों के सम्मान का पुनीत अवसर यह कहलाता चरण छूकर बड़ो के हर कोई आशीर्वाद पाता मकर सक्रांति अवसर पर पात्र को जो करते दान […]

करे जो समय की कद्र समय उसकी कद्र करता है। क्योंकि जिंदगी में एक मौका हर किसी को मिलता है। जो इसका उपयोग करता है सफलता उसी को मिलता है । और नसीब वाला इंसान समाज में कहलाता है।। मंजिले यूँ ही नहीं मिलती राही को। थोड़ा सा जुनून जगाना […]

सियासत एक ऐसी प्रयोगशाला है जिसमें तमाम राजनेता अपना-अपना करतब बखूबी दिखाते हैं। सियासत की सधी हुई तस्वीर को नेतागण प्रतिदिन नए सिरे से गढ़ने का भरपूर प्रयास करते हैं। क्योंकि राजनीति की दुनिया में सभी नेता अपनी-अपनी योजना के अनुसार सत्ता की कुर्सी की परिकरमा के लिए सब कुछ […]

शांत चित जिसका रहे वही प्रभु के निकट रहे मिलता उसे मान सदा जो व्यर्थ से मुक्त रहे विकारो से जो ग्रसित न हो पावनता उसके निकट रहे देह तो सबकी नश्वर है क्यो इसके मोह मे रहे आत्मबोध मे रहते है जो प्रभु ध्यान उन्हें ही रहे जीवन का […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।