कैसा ये दौर आ गया है, जिसमें कुछ नहीं रहा है। और जिंदगी का सफर, अब खत्म हो रहा है। क्योंकि इंसानों में अब, दूरियाँ जो बढ़ रही है। जिससे संगठित समाज, अब बिखर रहा है।। इंसानों की इंसानियत, अब मरती जा रही है। क्योंकि इन्सान एकाकी, जो होता जा […]

समावेशी नेतृत्व का अर्थ बड़ा ही व्यापक और संधर्ष करने वाला होता है, जो संयम, धैर्य और सहनशीलता के साथ सबको समान भावना के साथ समावेश कर आगे बढ़ने को प्रेरित करे।जो खुद की नहीं अपितु अपने संगठन अपने लोगो के आगे बढाने की सोच रखे वही नेतृत्व कहलाता है। […]

दिल में कोई अरमान रखना है , हो दर्द भी तो मुस्कान रखना है । मर जाएंगे अपने वतन के लिए । हिन्दोस्तां की मगर शान रखना है ।। धर्म अपना रहे, सदा इंसानियत । इक अपनी अलग पहचान रखना है ।। माँ से मिला हमे यही संस्कार है । […]

अपराध की दुनिया है खराब परिवार तक हो जाता बर्बाद जीवन इससे नरक बन जाता परिवार को सुख न मिल पाता खून खराबे में जिंदगी बीतती रात कभी न चैन से बीतती धन दौलत वे जो भी कमाते एक झटके में सारी गंवाते हश्र सभी का एक ही जैसा बेमौत […]

हर न्यूज़ एंकर है कहता,वो सच बता रहा है इसी तरह अवाम को बेवकूफ बना रहा है । रवीश,सुधीर,ओम,अर्णव,प्रसून या हो रजत हर कोई अपने लिए टी आर पी बढ़ा रहा है । ब्रेकिंग न्यूज़,पूछता है भारत ,आज की बात दर्शकों के मुताबिक ही परोसा जा रहा है । विज्ञापन […]

प्रेरणा जनसहयोग फाउण्डेशन  टीम हरियाणा द्वारा कोरोना लाकडाउन में आगर के राज्यपाल द्वारा पुरस्कृत शिक्षक डॉ दशरथ मसानिया द्वारा विगत 4 माह में जो शैक्षणिक नवाचार कर सोशल मीडिया के माध्यम से देशभर के छात्रों तक पहुंचाया । इस सृजनात्मक कार्य को देखते हुए फाउण्डेशन ने डाॅ मसानिया को कोरोना […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।