तेरा प्यार पा के हमने सब कुछ पा लिया है। तेरे दर पर आके हमने सिर को झुका लिया है।। तेरा प्यार पा के हमने सब कुछ पा लिया है।। आवागमन की गलियाँ न हत बुला रही थी..२। जीवन मरण का झूला हमको झूला रही थी। अज्ञानता की निंद्रा हमको […]

अपनी ज़िद में अड़े मिलना हो मुसीबत तो खड़े मिलना मुझे फक्र है तुम साथी हो दिल के भी तुम बड़े मिलना पोछोगे मेरे गिरते आँसू को इरादों से तुम कड़े मिलना नहीं खून के रिश्ते माना कि मगर इंसानियत में बड़े मिलना -किशोर छिपेश्वर”सागर” बालाघाट Post Views: 11

जीवन की चिंता किसे है अभी तो कुंभ चल रहा है यह भी सब जानते है , कही चुनाव चल रहा है सवाल न उठाओ उनसे वे अवसर के बादशाह हैं उन पर फ़र्क नही पड़ता कोरोना में कौन मर रहा है मरने पर मोक्ष मिलेगा सबको क्योंकि अभी कुंभ […]

(ओमान से एक हिंदी शिक्षक की गुहार) कवरिंग लेटर :– जैसे मैं पहले लिख चुका हूँ सीबीएसई से सम्बद्ध इंडियन स्कूल निजवा ओमान से हिन्दी भाषी हिन्दी शिक्षक – शिक्षिकाओं को षड्यंत्र करके हंटाकर हिन्दी भाषा को कमजोर किया जा रहा है। ये बातें लिखने पर स्कूल वाले जेल में […]

नव दीप जले,नव पुष्प खिले, नित्य मां का आशीर्वाद मिले। कभी ना हो दुखो का सामना, उसका सैदेव आशीर्वाद मिले।। करता हूं प्रार्थना मां दुर्गा से, तुमको सुखो का भंडार मिले। किसी को कोई कष्ट न हो जरा, सबको हर तरह का सम्मान मिले। घर घर में हर तरह खुशहाली […]

खुदरा बाजार में मँहगाई तो हमेशा से दिखती रही है लेकिन विवशता तो तब सामने आई जब थोक मँहगाई दर पिछले सारे रिकार्ड को तोड़ते हुए थोक कीमतो पर आधारित मुद्रास्फीति 7•39 प्रतिशत हो गयी है।मँहगाई की यह ऊँची रफ्तार आम लोगो पर भारी है। फरवरी में यह केवल 4•17 […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।