गये थे एक बारात में में अपने मिलने वालों की। वहां जाकर पता चला ये तो आदर्श ब्याहा है। जिसमें कई चीजें मुझे बहुत अच्छी लगी। फिजूल खर्च इसमें बिल्कुल भी नही था। ये आज के जमाने के, बिल्कुल विपरीत था। और ये जैन समाज के लिए बड़ी बात है। […]

हर साल गणतंत्र दिवस पर पूरे देश यह नारा लगता है अमर रहे गणतंत्र हमारा लेकिन कैसे ?बड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न है।भारत का इतिहास गणतंत्र के मामले में बहुत पुराना है।बालि जरासन्ध कंस दुर्योधन नन्द जैसे राजा गणतंत्र को कमजोर या समाप्त करने के प्रयास करते रहे पर जनसमर्थन योग्य राजनीतिज्ञों-कूटनीतिज्ञों […]

दुनिया मे सब अच्छे बने यह उपदेश जरूर दीजिए यह उपदेश देने से पहले खुद को अच्छा जरूर कीजिए बदल जाएंगे हालात जरूर पहले आप खुद तो बदल लीजिए बेटियां एक सी है चाहे मेरी या तुम्हारी जहां भी मिले उन्हें सम्मान दीजिए बेटे की चाहत में जुल्म न हो […]

आगरा | यूथ हॉस्टल सभागार, संजय पैलेस (आगरा) में विश्व शांति मानव सेवा समिति द्वारा प्रथम वर्षगांठ व पत्रिका ‘ शांति पथ ’ (प्रवेशांक) का विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया । जिसमें सर्वप्रथम माँ सरस्वती के सम्मुख श्री नवीन जैन आगरा शहर महापौर), डॉ0 अमी आधार निडर, डॉ0 शशि पाल […]

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ‘गठ’ से निकला एक स्वयंसेवक भाजपा का विस्तारित ‘गठन’ भी करेगा और सरकार के मुख्य दल का अध्यक्ष होने के नाते ‘गठबंधन’ धर्म का पालन भी करेगा। इस बात का साक्षी आने वाला समय बनेगा। यह भविष्यवाणी अब चरितार्थ हो गई जब जगत प्रकाश नड्डा विश्व […]

प्यार को प्यार से देखोगे, तो प्यार पाओगे। दिल में मुरझाए हुए, फूल भी खिल जाएंगे। जिस को भीड़ में, ढूंढ रहे है तेरी निगाहें। मेरा दावा है कि वो, तुझे मिल जाएगा।। निगाहों का निगाहों से, जो तुम खेल रहे हो खेल। वो ही निगाहें अब तेरे, दिल को […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।