मिलोगें तुम अगर देशके लोगों से तो उनकी भावनाओं को समझोगे। और देशके प्रति उनके भावों को तुम निश्चित ही समझ पाओगें। फिर देशप्रेम की ज्योत जलाओगें और भारत को महान देश बनाओगें। और इस कार्य में हम सभी अपनी भूमिकाओं को निष्ठा से निभायेंगे।। करना है देश के लिए […]

म. प्र. आगर मालवा जिले के उत्कृष्ट उ.मा. विद्यालय आगर मालवा के राज्यपाल पुरुस्कार प्राप्त शिक्षक डॉ. दशरथ मसानिया ने  कोरोना त्रासदी के विगत 15 महीनों में शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में सराहनीय सृजनात्मक कार्य किया है।   जहां लोग कोरोना काल में भययुक्त वातावरण में जी रहे थे वहीं […]

साहित्य संगम संस्थान के योगशाला मंच के माध्यम से अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2021 को प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है जिसमें विभिन्न प्रांतों के प्रतिभागी इस प्रतियोगिता में सम्मिलित होंगे, ज्ञातव्य हो कि योग दिवस पर यह आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभागी शुरूआती उद्बोधन में योगशाला साहित्य संगम […]

इंदौर। प्रसिद्ध बाल साहित्यकार एवं ग़ज़लकार अहद प्रकाश जी की स्मृति में मातृभाषा उन्नयन संस्थान ने दो सम्मान, ‘अहद प्रकाश बाल साहित्य गौरव सम्मान’ एवं ‘अहद प्रकाश ग़ज़ल रत्न सम्मान’, घोषित किए, जो प्रतिवर्ष एक बाल साहित्यकार एवं एक ग़ज़लकार को दिए जाएँगे। इन पुरस्कारों के लिए देशभर से प्रविष्टियाँ […]

सात बरस के सांवरे,लीलाधारी श्याम। महाप्रभू के लाड़ले, हिय कीजे विश्राम।। हे जग नायक कुंज बिहारी। मेटो मन की पीढ़ा सारी।।1 कोंख देवकी जनम तुम्हारा। मातु यशोदा राज दुलारा।।2 संवत चौदह छाछठ आया। श्रावण कृष्णा तीज सुहाया।।3 रविवासर की प्रातः आई। प्रभु गोवर्धन प्रकटे भाई।।4 पहले वाम भुजा दिखलाई। ग्वाला […]

मोहब्बत भी क्या बला होती है। जब किसी से होती है तो सकून दिल का चैंन छीन लेती है और। आँखों और ओठो से पिलाती है।। दिलमें एक अजीब सी कंपन और सारी रात जगाती है। न खुद सोती है और न सोने देती अपनी सांसो को दिलसे मिलती है। […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।