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व्यक्तित्व

जनसंचार के अप्रतिम विमर्शकार हैं प्रो. संजय द्विवेदी – गिरीश पंकज नई दिल्ली। ’प्रो. संजय द्विवेदी भारतीय मीडिया के अप्रतिम विमर्शकार हैं। वे समाधानपरक पत्रकारिता और मूल्यनिष्ठ पत्रकारिता के ध्वजवाहक भी हैं।’ यह बात प्रख्यात साहित्यकार श्री गिरीश पंकज ने कही। श्री पंकज शनिवार को विश्व पुस्तक मेले में प्रो.संजय […]

इन्दौर। हिन्दी भाषा के लिए सतत् कार्यरत शहर के लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ की पुस्तक ’हिन्दी विमर्श’ का लोकार्पण शनिवार को प्रगति मैदान में विश्व पुस्तक मेला में हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार गिरीश पंकज, भारतीय जनसंचार संस्थान के पूर्व महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी, विशेष अतिथि […]

नई दिल्ली। ’वैश्या जैसा विषय लेखक प्रायः कम छूता है अपने लेखन में, किन्तु डॉ. अर्पण ने उस वारांगना की व्यथा को लिखने का प्रयास किया जो सराहनीय है।’ यह बात मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार सुभाष चंदर ने कही। शनिवार को प्रगति मैदान में विश्व पुस्तक मेला शुरू हुआ, इसमें […]

हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए संस्मय प्रकाशन की ग्रन्थ माला । नईदिल्ली। प्रत्येक वर्ष नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा प्रगति मैदान में विश्व पुस्तक मेला आयोजित किया जाता है। शनिवार 10 फ़रवरी से रविवार 18 फ़रवरी 2024 के बीच होने वाले इस मेले में मातृभाषा उन्नयन संस्थान के प्रकल्प संस्मय […]

जन्मदिन विशेष (7 फरवरी) पर – पवन कुमार पाण्डेय आज प्रो. संजय द्विवेदी का जन्मदिन है। बहुमुखी प्रतिभा के धनी, माँ सरस्वती के उपासक, मीडिया-शिक्षण को अपनी पुस्तकों और शोध पत्रों के माध्यम से नई दिशा के बोध-कारक तथा संपूर्ण भारत में पत्रकारिता के उच्च मानक स्थापित करने वाले भारतीय […]

नरेंद्र पाल जैन, सोनल जैन , एकाग्र शर्मा, मनुव्रत वाजपेयी और धीरज चौहान को मिलेगा 25 को काव्य गौरव अलंकरण इंदौर। हिन्दी भाषा की वाचिक परम्परा से मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा पाँच कवियों को प्रतिवर्ष काव्य गौरव अलंकरण प्रदान किया जाता है। इस वर्ष ऋषभदेव राजस्थान से नरेन्द्र पाल जैन, […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।