वैचारिक महाकुंभ

शिक्षक गोपाल कौशल राष्ट्रीय नवोदय क्रांति अवार्ड से कुरुक्षेत्र में सम्मानित

नयापुरा माकनी स्कूल को भी मिला स्मार्ट स्कूल अवार्ड श्री कौशल के नवाचार देश के 15 राज्यों सहित पहुंचे सात समंदर पार  नागदा (धार)  | शासकीय नवीन प्रावि नयापुरा माकनी नागदा के शिक्षक गोपाल कौशल को शिक्षा में उत्कृष्ट कार्यों एवं नवाचारों के ...

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शिक्षा का माध्यम मातृभाषाएँ

मातृभाषा का मतलब है कि, माँ से सीखी और बोली जाती भाषा का नाम मातृभाषा है | बालक जन्म के बाद पहली बार जो भाषा बोलता है, वो भाषा अपनी माँ की और उसकी मातृभाषा है | माँ से ही वो मातृभाषा ...

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पदमश्री नरसिंह देव जम्वाल, यशपाल निर्मल, केवल कुमार केवल और संजीव शर्मा सम्मानित।

जम्मू  | डोगरी भाशा अकैडमी, जम्मू और गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, ज्यौड़ियां के संयुक्त तत्वावदान में आयोजित सम्मान समारोह में डोगरी साहित्यकार पद्मश्री नरसिंह देव जम्वाल, यशपाल निर्मल और केवल कुमार केवल को डोगरी साहित्य में अभूतपूर्व योगदान के लिए और ...

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साईं नाम

साई नाम साई नाम साई से बडा न नाम जो साई का भजन करे दुख का रहे न नामो निशाँ साईं। जो घर जाये साई नाम वो घर दूजा न काम विश्वास बनाके राखियो साई को करके प्रणाम साईं। साई चर्चा जब करे दुख न आवे पास साई नाम सुन ...

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शुभ लक्ष्य

मकड़ी नही , चिड़िया बनिए जाला नही , घोंसला बुनिए जाले में शिकार फंसता है  शिकारी स्वयं भी मरता है चिड़िया बच्चों का घर बनाती है घोंसले को तिनको से सजाती है जाला देखते ही हटा देते है घोंसले को उपयोग में लाते है लक्ष्य शुभ हो तो ...

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अब तुम

बड़ी ही  खूबसूरत नजर आती हो तुम, सच में जब नजरें झुका कर शर्माती हो तुम, लगता है जैसे एक पल के लिये ये जहाँ भी रुक जाता हैं, जब जुल्फें बिखेर के चेहरे पे मुस्कुराती हो तुम, चाँद और सूरज भी तम्हें देखने ...

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सहोदरी कहानी - २ : समीक्षा

पुस्तक  : सहोदरी कहानी-२ संपादक : श्री जयकान्त मिश्रा प्रकाशन : भाषा सहोदरी हिन्दी मूल्य  :  ₹ ४०० भारतभूमि विभिन्न भाषाओं व संस्कृतियों के गौरवपूर्ण सह- अस्तित्व के लिए जानी जाती है। भाषा ही वह माध्यम है जिसके द्वारा कोई भी समाज अपनी संस्कृति ...

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कभी फरहाद कभी .....

कभी फरहाद कभी मजनूं कभी रांझा बना डाला तुम्हारे इश्क ने जानां मुझे क्या-क्या बना डाला ============================== पिला कर खून अपना पाला जिसको उम्र भर मैंने उस दिल को एक पल में तुमने अपना बना डाला ============================== अपने आप में महफिल हुआ करता था कभी मैं तुम्हारी ...

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  • लेखक दीर्घा matrubhasha
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