वैचारिक महाकुंभ

बाबा सदा साथ रहते है 

जो दुखड़ा दिया हम को , हम किसे बोलेंगे / तेरे दरपे आकर के ,छुप छुप के रोलेंगे / तो बोलना ------ कभी तो ये बाबा साथी बन जाता है / कभी तो ये बाबा माझी बन जाता है /1/ सुनते है तेरी रहमत, दिन रात बर्षाति है / एक बूँद जो मिल जाये, किस्मत ही ...

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जहांगीराबाद भोपाल ने मुख्य मार्ग पर, अहिंसा के द्वार पर हिंसा का व्यापार

कभी  पुराण ग्रंथों में /आख्यानों में यह सुनने पढ़ने मिलता हैं की किसी पुण्यशाली महापुरुष /योगी /तपस्वी के सम्मुख दो विपरीत प्रकृति के जीव आकर उनके चरणों में झुक जाते थे या एक साथ मिल जाते थे. जैसे सर्प और नेवला ,साधु और डाकू .मानव और दानव ,शेर और गाय ...

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भ्रष्टाचार

भ्रष्टाचार का ज़माना है,      संकट ये पुराना है ।    हिंसा के भंवर से अब,        देश को बचाना है ।।  नफरतें जलाकर दिलों की,         प्यार फिर जगाना है ।   झूठे, मक्कार नेताओं को,          सबक हमें सिखाना है ।।    जाति-धर्म के झगड़ों में,     ...

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हुये हैं कुछ खफ़ा मुझसे....

हुये हैं कुछ खफ़ा मुझसे मेरे दिन मुस्कराते से करते थे इश्क़ की बातें रातभर जब जगाते थे। हुये हैं कुछ खफ़ा मुझसे मेरे दिन मुस्कराते से। वो लड़ते थे झगड़ते थे रूठते थे मनाते थे शिकायत से भरी नज़रें तेरे नख़रे उठाते थे करते थे इश्क़ की बातें रातभर जब जगाते थे। हुये हैं कुछ खफ़ा मुझसे मेरे दिन मुस्कराते से। ख़ता मन्ज़ूर ...

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माँ

हर पल आती याद मुझे कभी न पाता उसको भूल वह ईश्वर का ही रूप है है मेरे जीवन का मूल एक ही शब्द मे सिमट जाती विराट ह्रदय नजर आती एक कांटा भी चुभता मुझे दर्द से वह भी करहाती फूलो की तरह पाला मुझको कांटो से दूर रखा मुझको मेरे चेहरे की मुस्कान के लिए उसने खिलौना बनाया खुद ...

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हिस्ट्री वालों को पता क्या जॉग्राफ़ी क्या चीज है

हिस्ट्री वालों को पता क्या जॉग्राफ़ी क्या चीज है मेंस लिखिए फिर समझिये UPSC क्या चीज़ है प्री में खेला कर्रेंट का है उसपे तुम फोकस करो GS पढ़ो अब न डरो तुम C-SAT बड़ी क्या चीज है प्री जो निकले तो समझिए मेहनत कुछ पूरी हुई मेंस पर लगिए ऑप्शनल पढ़िए साइंस टेक क्या ...

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वो तुम थे.......

वो तुम्ही थे जिसे खबर थी सांसो की मेरे न जाने कैसे जान लेते थे मेरी बेजान उलझने मुस्कुरा देते थे ओर यू ही में भी तुम्हे देख जी जाया करती थी अब भी बैठती हूँ उन सीढ़ीयो के किनारे हाथ फेर कर चुप चाप महसूस करती हूं दीवारों पर तुम्हारे निशा याद है हमने कुछ लिखा था वहाँ उस नदी के तीर की रेत पर तुम हो यही कहि अचानक अभी ...

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बच्चे

जो भी करता ईश्वर करता माता पिता निमित्त है मात्र पर सुसंस्कार तो देने होंगे बच्चे बने जगत उपहार बाकी सब बच्चों का भाग्य राजशाही बन जाये ठाठ है ईश्वर का ही उपहार बच्चे हम सब का है प्यार बच्चे नाजो से बड़े पालते उनको हमारे ह्रदय का प्राण है बच्चे राष्ट्र निर्माण के कारक बने वो सद्गुणों का भण्डार बने ...

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  • लेखक दीर्घा matrubhasha
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