जनता के लिए जिस कवि ने सत्ता को सिंहासन खाली करने कहा स्वतंत्र भारत में, वीर-रस, प्रगति चेतना और जन-चेतना को लेकर जो कविताई हिंदी के ‘दिनकर’ ने की वह अन्यतम है। वे लिखते हैं : “गौरव की भाषा नयी सीख, भिखमंगों की आवाज बदल ! सिमटी बाँहों को खोल […]

हिंदी के कुँवर, कुँवर नारायण ! “हवा और दरवाज़ों में बहस होती रही, दीवारें सुनती रहीं। धूप चुपचाप एक कुरसी पर बैठी किरणों के ऊन का स्वेटर बुनती रही। सहसा किसी बात पर बिगड़ कर हवा ने दरवाज़े को तड़ से एक थप्पड़ जड़ दिया !” शीर्षक ‘कमरे में धूप’ […]

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसम्बर 1924 को ग्वालियर में हुआ| उनके पिता का नाम कृष्णा बिहारी वाजपेयी और माता का नाम कृष्णा देवी था| उनके पिता कृष्णा बिहारी वाजपेयी अपने गाव के महान कवी और एक स्कूलमास्टर थे| अटल बिहारी वाजपेयी जी ने ग्वालियर के बारा गोरखी के […]

🌹🌹अभिमन्यू अनत🌹🌹 ************************** 9 अगस्त 1937 में मॉरीशस के उत्तर प्रान्त के त्रियोल गाँव मे जन्मे अभिमन्यू अनत जी को मॉरीशस के हिंदी कथा में “साहित्य सम्राट” का दर्जा प्राप्त था। उपन्यास,कहानी, कविता,निबंध पर इनको समान अधिकार प्राप्त था।हिंदी साहित्य की श्री दृष्टि में इनका अमूल्य योगदान रहा। अभिमन्यू अनत […]

एकाकीपन और गुमनामी झेल रहे प्रख्यात साहित्यकार ‘महरूम’ ! मोबाइल पर एक संदेश मिलता है : “बीमारी, वृद्धावस्था ,असहायता और एकाकीपन के कारण आपके पास बैठ बतियाने की ललक अधूरी रह जाती है !” – इस संदेश को किसी बूढ़े की बुढ़भस समझने की भूल नहीं कर सकता था मैं […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।