हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह 2026 रविवार को

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नर्मदा प्रसाद उपाध्याय और अतुल तारे होंगे हिन्दी गौरव अलंकरण 2026 से अलंकृत

पाँच कवियों को मिलेगा काव्य गौरव अलंकरण 

इंदौर। हिन्दी भाषा के प्रसार के लिए प्रतिबद्ध ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ रविवार 22 फरवरी 2026 को स्थानीय राजेन्द्र माथुर सभागार, इन्दौर प्रेस क्लब में दोपहर 1 बजे से हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह आयोजित करने जा रहा है।  वर्ष 2026 के हिन्दी गौरव अलंकरण चयन समिति ने वरिष्ठ साहित्यकार नर्मदाप्रसाद उपाध्याय व ग्वालियर से वरिष्ठ पत्रकार अतुल तारे को हिन्दी गौरव अलंकरण से विभूषित किया जाएगा। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व राज्यपाल विष्णु सदाशिव कोकजे, अध्यक्षता देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो राकेश सिंघई, विशिष्ट अतिथि भारतीय जन संचार संस्थान, नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी व इन्दौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष दीपक कर्दम रहेंगे।

हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह में काव्य साधकों को काव्य गौरव अलंकरण भी प्रदान किया जायेगा, जिनमें माण्डव से डॉ. पंकज प्रसून चौधरी, उज्जैन से निशा पंडित, नागदा से कमलेश दवे, बड़नगर से पुष्पेंद्र जोशी पुष्प और भोपाल से शिवांगी प्रेरणा रहेंगे। साथ ही, लेखिका संध्या राणे की पुस्तक ‘शुभम करोति’ का लोकार्पण भी होगा। समारोह का संचालन अखिलेश राव करेंगे। आयोजन सभी के लिए खुला रहेगा।

इस अवसर पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नितेश गुप्ता, राष्ट्रीय सचिव भावना शर्मा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शिखा जैन, राष्ट्रीय सहसचिव सपन जैन काकड़ीवाला, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. नीना जोशी, गणतंत्र ओजस्वी, प्रेम मंगल, मणिमाला शर्मा, अनुपमा समाधिया आदि ने शुभकामनाएँ प्रदान करते हुए समारोह में सभी को आमंत्रित किया है।

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।