नरेंद्र पाल जैन, सोनल जैन , एकाग्र शर्मा, मनुव्रत वाजपेयी और धीरज चौहान को मिलेगा 25 को काव्य गौरव अलंकरण इंदौर। हिन्दी भाषा की वाचिक परम्परा से मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा पाँच कवियों को प्रतिवर्ष काव्य गौरव अलंकरण प्रदान किया जाता है। इस वर्ष ऋषभदेव राजस्थान से नरेन्द्र पाल जैन, […]

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल‘ एक तरफ़ मौसम की अंगड़ाई है, एक तरफ़ वृक्षों में बहार का अवसर और ऐसे समय में जब वसंत का उत्सव जैसे ही नज़दीक आता है, यकीन जानिए मध्य प्रदेश के धार जिले के निवासी यहाँ तक कि आसपास के लोग भी इस बात से फिर चिंतित हो जाते हैं कि […]

शिक्षा हम सभी के जीवन में बहुत ही महत्त्व रखती है। आज समाज को शिक्षा के लिए जागरुक करना हम सबका कर्त्तव्य है क्योंकि शिक्षा ही है जो समाज से अन्धविश्वास और अंधकार को दूर करती है और समाज से बुराई को ख़त्म करती है। एक शिक्षित व्यक्ति ही शिक्षित […]

गांधी पुण्यस्मरण विशेष ● डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ राघव की भक्ति, राघव के भजन और राघवमय जीवन का साक्षात उदाहरण, निर्विवाद रूप से राम की आराधना में सतत् रत, रघुपति राघव राजा राम से आरम्भ हुई यात्रा, हे राम! पर स्थगित होती है, ऐसे कर्मयोगी ने जीवन पर्यंत राम का […]

26 जनवरी गणतंत्र दिवस विशेष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ अरुण की लालिमा फैलने लगी, दसों दिशाओं में भारत की गूंज उठने लगी, वैश्विक रूप से मज़बूत होता भारत अमृत काल की अमृत बेला का नेतृत्व करने लगा, विश्व में भारत भारती का जयघोष होने लगा, क्या अमरीका, क्या ब्रिटेन, सभी राष्ट्राध्यक्ष अब केवल […]

25 फ़रवरी को इन्दौर में आयोजित समारोह में होंगे अलंकृत इंदौर । हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा वर्ष 2024 का हिन्दी गौरव अलंकरण आईएएस मनोज श्रीवास्तव (भोपाल) और डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय (मुम्बई) को प्रदान किया जाएगा। यह समारोह 25 फ़रवरी को इंदौर में आयोजित होगा […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।