विश्व पुस्तक मेला 2027: 16 जनवरी से 24 जनवरी तक भारत मण्डपम में सजेगा किताबों का महाकुम्भ

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स्टॉल बुकिंग के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू

नई दिल्ली। विश्व पुस्तक मेले का 54वां संस्करण अगले वर्ष 16 से 24 जनवरी 2027 तक प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम के हॉल नंबर 2 से 6 में आयोजित किया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस मेले में ‘इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन’ (ITPO) सह-आयोजक और वेन्यू पार्टनर की भूमिका निभा रहा है।

इस नौ दिवसीय मेले में साहित्य और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। बच्चों के लिए विशेष गतिविधियाँ और एक विशिष्ट विषय पर आधारित पवेलियन होंगे। लेखक कोना के माध्यम से पाठक अपने पसंदीदा लेखकों से सीधे रूबरू हो सकेंगे।

पिछले पाँच दशकों से यह मेला वैश्विक प्रकाशन जगत के कैलेंडर का एक अनिवार्य हिस्सा बना हुआ है। वर्तमान में भारत दुनिया के अग्रणी प्रकाशन देशों में शामिल है। यह मेला न केवल पाठकों को लाखों पुस्तकों का विकल्प देता है, बल्कि प्रदर्शकों के लिए व्यावसायिक अवसर तलाशने और नए शीर्षकों को बढ़ावा देना के लिए एक बड़ा मंच भी प्रदान करता है। इच्छुक प्रकाशक, संस्थान और संगठन समय सीमा समाप्त होने से पहले आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपना स्थान सुरक्षित कर सकते हैं।
विश्व पुस्तक मेला 2027 के लिए ऑनलाइन स्टॉल बुकिंग 16 फ़रवरी 2026 से शुरू हो गई है, जो 31 मार्च 2026 तक चलेगी।

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।