पत्रकार राष्ट्रधर्म के ध्वजवाहक- डॉ. पिंगले मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा आयोजित संवाद में बोले डॉ. पिंगले इन्दौर। पत्रकारों का दायित्व है कि वे भारत की संस्कृति के बारे में अधिक प्रचार करें, भारत हिन्दू राष्ट्र बने, इसके लिए राष्ट्रजागरण आवश्यक है। यह बात हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक, सद्गुरु […]

नव संकल्पों के साथ वर्ष 2026 में चलाएँगे जन आंदोलन हिन्दी से काम | हिन्दी से सम्मान | हिन्दी से रोज़गार, यही ध्येय हमारे हिन्दी भारत का अभिमान बने, और वैश्विक पहचान बने, के साथ-साथ ‘हिन्दी तन-मन, हिन्दी जीवन’ के संकल्प के साथ वर्ष 2025 की यात्रा आरम्भ की थी। […]

अब हिन्दी में हस्ताक्षर करेंगे छात्र सनावद। निमाड़ की सुप्रसिद्ध तहसील सनावद स्थित टॉपर्स टेम्पल इंस्टिट्यूट में मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा हस्ताक्षर बदलो अभियान संचालित कर छात्रों एवं शिक्षकों को हिन्दी में हस्ताक्षर करने का संकल्प दिलवाया गया। हिन्दी साक्षरता कार्यक्रम के दौरान संस्थान के प्रतिनिधि लोकप्रिय निमाड़ी कवि पारस […]

सनावद। नगर की अंग्रेज़ी सिखाने वाली कोचिंग संस्था ब्रिटिश इंस्टिट्यूट ऑफ़ लैंग्वेज क्लास में मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा संचालित हस्ताक्षर बदलो अभियान संचालित किया गया। स्थानीय संयोजक कवि पारस बिरला ने केंद्र जाकर छात्र-छात्राओं को हिन्दी का महत्त्व बताया और उन्हें हिन्दी में हस्ताक्षर करने का संकल्प दिलाया। अतिथि स्वागत […]

बामझर। निमाड़ क्षेत्र के सुप्रसिद्ध ओशन इंटरनेशनल स्कूल में मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा रविवार को छात्र-छात्राओं को हस्ताक्षर बदलने के लिए प्रेरित कर हिन्दी में हस्ताक्षर बदलवाए। गुरुकुल पद्धति से संचालित विद्यालय में कवि पारस बिरला ने छात्र-छात्राओं को हिन्दी अपनाने के लिए प्रेरित किया और लगभग 60 से अधिक […]

मोहनदास करमचंद गाँधी और इन्दौर का एक नाता ऐसा है जो जीवन पर्यंत हर हिन्दीप्रेमी स्मरण करता रहेगा। 3 जून 1918 को गांधीजी की अध्यक्षता में इंदौर में ‘हिंदी साहित्य सम्मेलन’ आयोजित हुआ और उसी में पारित प्रस्ताव द्वारा हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में स्वीकार किया गया। इन्दौर में […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।