हर सावन में आती राखी,
बहना से मिलवाती राखी…
बहिन भाई का अनोखा ये रिश्ता /
बना रहे ये बंधन हमेशा /
जो भूले से भी ना भूले,
बचपन की वो सब यादे !
बहिन भाई का अटूट-प्रेम /
सब कुछ याद दिलाती राखी /
भाई बहिन का अनमोल ये रिश्ता /
मनभावन क्षण लाती राखी /
एक दूसरे की रक्षा करना /
यही वचन याद दिलाती राखी /
भैया भाभी वचन एक देना /
कभी न छोड़ोगे मात पिता को तुम /
यही वचन है भाई मेरा राखी का उपहार /
घर घर में लाएगा ये वचन खुशियां अपरम्पार /
देखो आया बहिन भाई का राखी का त्यौहार /
#संजय जैन
परिचय : संजय जैन वर्तमान में मुम्बई में कार्यरत हैं पर रहने वाले बीना (मध्यप्रदेश) के ही हैं। करीब 24 वर्ष से बम्बई में पब्लिक लिमिटेड कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत श्री जैन शौक से लेखन में सक्रिय हैं और इनकी रचनाएं बहुत सारे अखबारों-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहती हैं।ये अपनी लेखनी का जौहर कई मंचों पर भी दिखा चुके हैं। इसी प्रतिभा से कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा इन्हें सम्मानित किया जा चुका है। मुम्बई के नवभारत टाईम्स में ब्लॉग भी लिखते हैं। मास्टर ऑफ़ कॉमर्स की शैक्षणिक योग्यता रखने वाले संजय जैन कॊ लेख,कविताएं और गीत आदि लिखने का बहुत शौक है,जबकि लिखने-पढ़ने के ज़रिए सामाजिक गतिविधियों में भी हमेशा सक्रिय रहते हैं।
Thu Aug 23 , 2018
भावनाओं का निर्मल सलिल हृदय से गुज़रते ही दर्द की आग में उबल पड़ता है और निष्क्रिय मस्तिष्क फिर वापस पीछे धकेलते हुए शरीर निष्प्राण सम कर देता है हर डगर यूँ तो कठिन है पर जब हालात साथ छोड़ते हैं तब ये और भी दूभर हो जाती है फिर […]