
इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के तुलनात्मक भाषा एवं संस्कृति अध्ययनशाला, मातृभाषा उन्नयन संस्थान तथा भारतीय भाषा शिक्षण, मालवा प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय में प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
विभागाध्यक्ष प्रो. प्रीति सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का विषय ‘शिक्षा में रामत्व’ और ‘अनुवाद’ एवं ‘कविता से कमाई’ रहा, जो अत्यंत प्रासंगिक एवं मूल्यपरक विचारों से परिपूर्ण था।
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने ‘अनुवाद’ व ‘कविता से कमाई’ विषय पर प्रशिक्षण दिया।
उन्होंने भाषायी समन्वय, ज्ञान के आदान-प्रदान तथा भारतीय भाषाओं के संवर्धन में अनुवाद की महत्त्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में अतिथि डॉ. माया इंग्ले (राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय शिक्षण मंडल) की विशेष उपस्थिति रही। अपने व्याख्यान में उन्होंने ‘शिक्षा में रामत्व’ के माध्यम से आदर्श जीवन मूल्यों जैसे सत्य, धर्म, करुणा, मर्यादा एवं समरसता को शिक्षा प्रणाली में समाहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. प्रीति सिंह द्वारा की गई। उन्होंने अपने उद्बोधन में सभी वक्ताओं के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में बौद्धिक जागरुकता, सांस्कृतिक समझ एवं मूल्यपरक शिक्षा के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान देते हैं।

कार्यक्रम का सुसंगठित संचालन डॉ. रुपाली सारये द्वारा किया गया।
महाविद्यालयीन प्रशिक्षण उपरांत विद्यार्थियों ने इंदौर टॉक के कार्यालय जाकर भी कार्य व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र उपस्थित रहे।

