हम कहीं भी रहे
दिल हमारा धड़कता
तेरे ही खयाल से है,
हर साँस सुमरिनी के
मनके-सी बार-बार
तिरा नाम जपती है,
खुशबू-सी लिपटी
रहती है सोच तेरी
आँख में बस चेहरा,
तेरा ही समाया रहता है
दिल के मकां में
बसर तेरा है,
दूजा कहाँ समा सके है॥
#डॉ. नीलम
परिचय: राजस्थान राज्य के उदयपुर में डॉ. नीलम रहती हैं। ७ दिसम्बर १९५८ आपकी जन्म तारीख तथा जन्म स्थान उदयपुर (राजस्थान)ही है। हिन्दी में आपने पी-एच.डी. करके अजमेर शिक्षा विभाग को कार्यक्षेत्र बना रखा है। सामाजिक रुप से भा.वि.परिषद में सक्रिय और अध्यक्ष पद का दायित्व भार निभा रही हैं। आपकी विधा-अतुकांत कविता, अकविता, आशुकाव्य आदि है।
आपके अनुसार जब मन के भाव अक्षरों के मोती बन जाते हैं,तब शब्द-शब्द बना धड़कनों की डोर में पिरोना ही लिखने का उद्देश्य है।
Thu Aug 17 , 2017
दिल बौने हैं सीने में पर, ऊंचा कद पा जाते हैं। फितरत ओछी रखने वाले, ऊंचा पद पा जाते हैं॥ पदवी के चक्कर में खाते, भारत माँ की कसमें ये। सत्ता का सुख भोग लिया तो, तोड़ रहे हैं रस्में ये॥ भारत में हैं नहीं सुरक्षित, अब ये जुमले बन्द […]