देश में शांति की बात करने वाले बहुत लोग हैं। लगभग सभी प्रत्यक्ष में इस शब्द का खुलकर उपयोग करते हैं परन्तु वास्तव में ऐसा है नहीं। राजनैतिक दलों के अनेक चेहरे बहुत सारे मुद्दों पर स्वयं को पर्दे के पीछे छुपाने की कोशिश करने लगते हैं। विकास के ठेकेदार […]

पल दो पल साथ बिताने की बात करो गरीब की भूख मिटाने की बात करो अंधकार में कोई गुम न हो जाएं कहीं किसी को राह सच्ची दिखाने की बात करो अकड़ ये अहंकार भला किसलिए अदब से सर झुकाने की बात करो रक्त ये रंजिस अच्छी लगती नहीं यारो […]

जन्म की भाषा हिंदी का एक अनूठा मंदिर है प्यारे विदर्भ की धरती वर्धा में हिंदी के प्रशंसक है सारे महात्मा गांधी के नाम पर हिंदी का मंदिर बनवाया है सवा सौ एकड़ भूमि पर हिंदी साम्राज्य सजाया है साहित्य विभूतियों की यादें ताजा हमेशा रहती यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर […]

आज अपनी सेवानिव्रत्ति लेकर लौटे भानुप्रसाद जी बड़े सोच में थेl दरवाज़ा खोलकर वहीं सोफे पर पसर जाते हैंl अब आगे कैसे होगा? अभी तो दो बच्चों की शादी भी नहीं हुई है और मैं सेवानिवृत्त! तभी उनकी पत्नी विमला कमरे में आ जाती हैं और कहती हैं “आज तो […]

धनिया के साथे धान काटें रोज सँइया जी। चढते कुआर काहें डाँटे रोज सँइया जी।। कमर लचकावत खेत्ते जाली लेके हँसिया। बात कहें साँचे सुनील चौरसिया।। केहू बोवे गेहूँ , केहू चूसे रस – गनवा। हरिहर -पिअर खेत देखि गाना गावे मनवा।। कान्हे पे कुदारी सोभे , हाथे मे गङसिया। […]

सुनो ईश्वर यही विनती, यही अरमान परमात्मा। मनुजता भाव मुझ में हों, बनूँ मानव सुजन आत्मा। . ✨✨✨ रहूँ पथ सत्य पर चलता, सदा आतम उजाले हो। करूँ इंसान की सेवा, इरादे भी निराले हो। . ✨✨✨ गरीबों को सतत ऊँचा, उठाकर मान दे देना। यतीमों की करो रक्षा, भले […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।