मर्यादा जीवन मे बड़ी रखिए इसे संभालकर अमर्यादित कुछ न हो रहिए स्वयं संभलकर मुख से ऐसा न निकले पश्चाताप जो करना पड़े आचरण ऐसा न हो कभी शर्मिंदा जो होना पड़े मन,वचन,कर्म एक हो संस्कार स्वयं आ जाएंगे संस्कृति भी अच्छी होगी चरित्रवान हो जाएंगे। #श्रीगोपाल नारसन परिचय: गोपाल नारसन […]

श्री राम भक्त है हनुमान शक्ति के पुंज हैं हनुमान । साहस,वीरता के प्रतीक आज भी चैतन्य हनुमान ।। हैं शिव अवतारी हनुमान लाल लंगोट धारी हनुमान । लाल रंग इनको मन भायें अंजलि के लाल हनुमान ।। धीर ,वीर, गंभीर हनुमान भक्ति की व्याख्या हनुमान । सीताराम के अनन्य […]

न दिल मेरा लग रहा, न मन मेरा लग रहा। एक अजब सी बेचैनी, मेरे दिलमें हो रही है। करु तो क्या करूँ में, दिल की बेचैनी के लिए। यदि हो कोई इलाज तो, मेरे जान तुम बता दो।। कब से तुम्हारे आने का, में कर रहा यहां इंतजार। न […]

मैं जनमानस में पुत्रजन्म की ही क्यों लगन देखता रहा | उनके जन्मोत्सव पर मनाते जश्न में क्यों मग्न देखता रहा| अब जाकर मै विचारों से अधिक यथार्थ में उतर पाया हूँ, कामपिपासु नजरों का होते कृत्य जघन देखता रहा | 3.हाँ हर रोज रंगे रहते है अखबार जिन रक्तिम […]

मैं आधुनिक नारी हूँ सशक्तिकरण की पहचान हुँ मैं अबला नादान नही हुँ मैं आधुनिक नारी हूँ । इक्कीसवीं सदी ने दी है नारी उन्मुक्ता की आस है मैं आज हर्षित गर्वित हुँ मैं आधुनिक नारी हूँ । घर आंगन से खेल मैदान तक हु तकनीक का उपयोग करती हूँ […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।