कितना लूटोगे तुम अपना बनकर। कितना और सताओगे अपना बनकर। कभी तो तुमको शर्म आयेगी वे गैरत इंसान। या काटोगे उसी डाली को जिस पर बैठा करते थे कभी तुम।। सफलता तुमको मिल है, बहुत खुशी की ये बात है। परन्तु अपनी सफलता में तुम इतना मत इतराओ। की जिन्होंने […]

एकता,शांति,सम्रद्धि अध्यात्म से आ रही है इसके लिए ब्रह्माकुमारीज वैश्विक सम्मेलन करा रही है 27 सितम्बर से 1 अक्टूबर मिनी वर्ल्ड सा दृश्य होगा आबू रोड़ के शांति वन में शीर्ष हस्तियों का सत्संग होगा नई शिक्षा से नये भारत का निर्माण यही से शुरू होगा मूल्यपरक शिक्षा पाठ्यक्रम आगाज़ […]

केंद्र सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम लागू क्या किया देश में गजब की हलचल मच गई। इसमें यातायात सुरक्षा के साथ-साथ यातायात स्वच्छता और स्वस्थता दिखाई पड़ी। कानून के मुताबिक नियम, कायदों को तोड़ने पर सक्त कार्रवाई और भारी जुर्माने का कड़ा प्रावधान है। यह पहले भी कम सीमा में […]

एकता,शांति और सम्रद्धि के लिए अध्यात्म जरूरी विषय पर ब्रह्माकुमारी का वैश्विक शिखर सम्मेलन 27 सितम्बर से 1 अक्टूबर तक आबू रोड़ के शांतिवन जो कि ब्रह्माकुमारीज का अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय भी है,के भव्य परिसर में आयोजित हो रहा है।इस सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर 28 सितम्बर को भारत के उपराष्ट्रपति […]

‘यदि प्राथमिक शिक्षा में भी मातृभाषा माध्यम न रखा गया तो ईश्वर भी भारतीय भाषाओं को नहीं बचा सकेगा।’ ये विचार वरिष्ठ पत्रकार श्री राहुल देव ने वैश्विक हिंदी सम्मेलन तथा सम्यक न्यास द्वारा वस्तु एवं सेवा कर आयुक्तालय मुंबई (मध्य) के सहयोग से जीएसटी भवन, चर्चगेट, मुंबई में आयोजित […]

काम काम के चक्कर में जीवन की खुशियां बिखर गई। जिसको अपना माना था उसने ही धोखा दे डाला। अब न घर, ऑफिस का रहा में। अब धोबी का कुत्ता बन बैठा।। जीवन के चौराहा पर आकर, फिर से वही खड़े हो गए। जहां से शुरू की थी जिंदगी, अब […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।