इन्दौर। श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति, इन्दौर के साप्ताहिक कार्यक्रम ‘सृजन विविधा’ में रचनाकारों के रचनापाठ के साथ-साथ मात्रिक कार्यशाला भी आयोजित की गई। शिक्षिका मनीषा व्यास ने छंद के विधान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम संयोजक व समिति की साहित्य मंत्री डॉ. पद्मा सिंह ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि […]

अपनी भाषा हिन्दी के लिए अपनी ही पार्टी का विरोध करने वाले सेठ गोविन्द दास हिन्दी सेवी के रूप में सदैव प्रेरणा स्वरूप रहेंगे इन्दौर। श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति, इन्दौर द्वारा कालजयी साहित्यकार स्मरण शृंखला में आज सेठ गोविन्द दास, जिनका जन्म 16 अक्टूबर 1896 में जबलपुर के एक […]

माँ अहिल्या देश के हृदय की महारानी – ग्रीष्मा त्रिवेदी इन्दौर। पुण्यश्लोका माँ अहिल्या के जन्म त्रिशताब्दी निमित्त मातृभाषा उन्नयन संस्थान व मातृभाषा डॉट कॉम द्वारा आयोजित अहिल्या काव्य उत्सव रविवार शाम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ग्रीष्मा त्रिवेदी व विशेष अतिथि मातृभाषा उन्नयन संस्थान की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. […]

कविता लेखन के साथ, उसके संस्कारों पर भी ध्यान देना चाहिए श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति, इन्दौर के साप्ताहिक कार्यक्रम सृजन विविधा का नवीन आयोजन हुआ। साहित्य मंत्री डाॅ. पद्मा सिंह ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर बात करते हुए कहा कि हमें सिर्फ लिखना ही नहीं चाहिए बल्कि , विधा […]

जन्मजयंती (4 जून पर विशेष) प्रो.संजय द्विवेदी ख्यातिनाम कथाकार ,उपन्यासकार श्रीमती मालती जोशी के निधन की सूचना ने साहित्य जगत में जो शून्य रचा है, उसकी भरपाई संभव नहीं है।गत 15 मई, 2024 को उन्होंने अपनी नश्वर देह त्याग दी। अपनी रचनाओं के माध्यम से भारतीय परिवारों के रिश्तों, संवेदनाओं, […]

मातृभाषा डॉट कॉम लाया है आपके लिए आलेख लेखन प्रतियोगिता। विशेष आलेख लेखन प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है, जो एक खुला मंच है सभी बुद्धिजीवियों के लिए जिसमें हमारे भारत के विभिन्न प्रधानमंत्रियों के बारे में आप आलेख लिखकर भेज सकते हैं, जिसका प्रकाशन मातृभाषा डॉट कॉम पर तो […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।