जो तुमको बुरा कहे उसका तुम स्वागत करो जो तुम्हारी निंदा करे उसकी तुम प्रशंसा करो उसके मन मे आई बुराई जबान पर निंदा चढ़ आई मुझ पर किया उसने वार अस्वीकार किया मैंने प्रहार उसकी स्तिथि बिगड़ती गई मेरी स्तिथि बनती गई वह क्रोध से लाल हुआ मुझे क्रोध […]

हम जात पात में पड़े रहेंगे। और देश को बर्बाद करेंगे। दूसरे देश प्रगति को चुनेंगे। और विश्व में पहचान बनाएंगे।। गये थे जब अंग्रेज देश से तो जाती का बीज वो गये थे। जिससे आपसी भाई चारा देश में स्थापित न हो पाये। और लड़ते रहो आपस में जातीधर्म […]

नई दिल्ली। अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण हेतु प्रारंभ हुए निधि समर्पण अभियान का श्रीगणेश आज देश के महा माहिम राष्ट्रपति के कर कमलों से राष्ट्रपति भवन में उनके पूरे परिवार के साथ हुआ। आज प्रात: 11 बजे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के […]

विश्व हिंदी सचिवालय, मॉरीशस न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन एवं सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई- पत्रिका के संयुक्त तत्वावधान में एक अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन 17 जनवरी 2021 को भारतीय समयानुसार सुबह 11 बजे होने जा रहा है। कैलिफोर्निया, अमेरिका से प्रो नीलू गुप्ता जी के अध्यक्षता में आयोजित […]

आए हैं दिनकर,ये हमको बताने, अँधियारे जग के ,सारे मिटाने। आए आए हैं दिनकर…….. कट जाएगी दुःखों भरी रात ये, खुशियों की लाएगी सौगात रे। बन जाएगी बिगड़ी हर बात रे, आए आए हैं दिनकर………. संस्कारों की पूंजी है सबसे बड़ी, ये धरोहर हमारी है सबसे बड़ी। ये कर दे […]

सद्कर्मो से भाग्य है बनता सत्पुरुष सद्कर्मों से जन्मता अहंकार पलभर में मिटता इंसानियत का उदय हो जाता सद्कर्मो से हीे मिटते है विकर्म इसी से बन जाता पावन मन सद्कर्म ही है परमार्थ का पथ इसपर चलने से बनते समर्थ छोड़ दो जीवन के सब व्यर्थ स्वयं पा जाओगे […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।