लाल कप्तान फ़िल्म समीक्षक इदरीस खत्री द्वारा समीक्षा निर्देशक-नवदीप सिंह अदाकार-सैफ अली, दीपक डोबरियाल, ज़ोया हुसैन, मानव विच, सिमोन सिंह, सौरभ सचदेव संगीत-समीरा कोप्पिकर फ़िल्म से पहले एक चर्चा भारतीय सिनेमा में पहली बार किसी नागा साधु का किरदार सैफ अली द्वारा निभाया जा रहा है, पाइरेट्स के जैक स्पैरो […]

वार एक्शन पैक्ड धमाका लेखक-निर्देशक सिद्धार्थ आनन्द, अदाकार ऋतिक रोशन, टाइगर श्रॉफ,वाणी कपूर, आशुतोष राणा, दीपानिता शर्मा, अनुप्रिया गोयन्का संगीत विशाल शेखर, बड़ी फिल्म पर फ़िल्म पर एक छोटी चर्चा तो बनती है,, फ़िल्म का शूट 2018 जनवरी के दूसरे सप्ताह से शुरू हुआ था, जो कि 2019 तक चला, […]

सम्मान पर चर्चा से पहले दादा साहेब कौन थे और भारतीय सिनेमा में क्या योगदान था यह समझ लेते है, दादा साहेब फाल्के भारतीय सिनेमा के जनक या पिता कहे जाते है, भारतभूमि को पहली चलचित्र फीचर फ़िल्म इन्ही की सौगात थी, देश के सिनेमा का अति गौरवपूर्ण, प्रतिष्ठित सम्मान […]

अपने देश में दादा साहब फाल्के अवार्ड अभिनय के क्षेत्र में दिया जाने वाला सबसे बड़ा पुरस्कार है जिसे देश के सबसे बड़े अभिनेता को दिये जाने की खबर सुनकर हर किसी को एक सुखद अनुभूति हो रही है। चार दशक से भारतीय सिनेमा का अहम हिस्सा रहे अमिताभ बच्चन […]

सेक्शन 375, मर्जी या ज़बरदस्ती निर्देशक;- बहल जटिल विषय का सटीक चित्रण बलात्कार ■ मुख्तसर चर्चा दोस्तों विषय बेहद संवेदनशील होने के साथ भावनात्मक भी है, इंडियन पैनल कोड की यह धारा 375 लैंगिक अपराध के संदर्भ में ही रखी गई है, यह एक वीभत्स अपराध जो महिलाओं के शरीर […]

ड्रीम गर्ल छोटी दुकान मीठा पकवान,हँसाती, गुदगुदाती, प्रेम कहानी लेखक, निर्देशक राज शांडिल्य अदाकार आयुष्मान खुराना, नुसरत भरुचा, मनजोत सिंह, अन्नू कपूर, विजय राज, अभिषेक बनर्जी, राजेश शर्मा, मनजोत सिंह, हँसती, गुदगुदाती, प्रेम कहानी ■मुख्तसर ख्याल समीक्षा से पहले, आपने लैला मंजनू, शीरी फरहाद, रोमियो जूलियट, हीर रांझा के बारे […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।