सेक्शन 375, मर्जी या ज़बरदस्ती निर्देशक;- बहल जटिल विषय का सटीक चित्रण बलात्कार ■ मुख्तसर चर्चा दोस्तों विषय बेहद संवेदनशील होने के साथ भावनात्मक भी है, इंडियन पैनल कोड की यह धारा 375 लैंगिक अपराध के संदर्भ में ही रखी गई है, यह एक वीभत्स अपराध जो महिलाओं के शरीर […]

ड्रीम गर्ल छोटी दुकान मीठा पकवान,हँसाती, गुदगुदाती, प्रेम कहानी लेखक, निर्देशक राज शांडिल्य अदाकार आयुष्मान खुराना, नुसरत भरुचा, मनजोत सिंह, अन्नू कपूर, विजय राज, अभिषेक बनर्जी, राजेश शर्मा, मनजोत सिंह, हँसती, गुदगुदाती, प्रेम कहानी ■मुख्तसर ख्याल समीक्षा से पहले, आपने लैला मंजनू, शीरी फरहाद, रोमियो जूलियट, हीर रांझा के बारे […]

छिछोरे हस्ते-खेलते,गुदगुदाते– सफलता और असफलता कि उम्दा कहानी छिछोरे निर्देशक नीतेश तिवारी अदाकार सुशांत राजपूत, शृद्धा कपूर, वरूण शर्मा, प्रतीक बब्बर, ताहिर राज भसीन, नवीन पोलीशेट्टी, सहर्ष कुमार, संगीत प्रीतम, समीरूद्दिन प्रस्तावना आपने कालेज लाइफ पर कई फिल्मों का तुल्फ लिया है, जैसे मेरे अपने, जो जीता वही सिकन्दर, थ्री […]

साहो एक्शन,रोमांच, रहस्य का कॉम्बो पैक, कहानी कमज़ोर लेखक- निर्देशक :- सुनीथ कलाकार:- प्रभास, शृद्धा कपूर, नील नितिन मुकेश, जैकी श्रॉफ, चंकी पांडे, मंदिरा बेदी, मुरली शर्मा, टीनू आनन्द व अन्य संगीत तनिष्क बागची, फ़िल्म 4 भाषाओ तमिल, तेलगू, कन्नड़, मलयालम, हिंदी तेलगू के अधिकार 125 करोड़ ₹ में बीके […]

दोस्तो हमशक़्ल होना दुनिया के अजूबो में शुमार होता है कि एक जैसी शक्ल के दो इंसान हो, यह उनवान(विषय)बेहद दिलचस्प (रोचक)होने के साथ परिस्थिति जन्य हास्य(सिचुएशल)कॉमेडी बनाने का शानदार मसाला हो जाता है, सिनेमा ने इस विषय की रोचकता को समझते हुवे अपने अविकसित काल से ही इस विषय […]

दोस्तो भारत मे फ़िल्म बनाने के विषयों में एक विषय पुनर्जन्म भी रोचक रहा है क्योंकि इस विषय मे बड़ी जिज्ञासा होती है एक किरदार की पिछली ज़िन्दगी से वर्तमान ज़िन्दगी को जोड़ना और फिर उस इंसान को पिछले जन्म का याद आना उसके बाद पीछले जीवन के अधूरे काम […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।