Archives for लघुकथा

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महापर्व

पूरे गाँव में उत्साह का वातावरण छाया था, चारों तरफ खूब चहल-पहल थी। क्या बच्चे, क्या बूढ़े, सभी खूब मौज-मस्ती कर रहे थे। कच्चे घरों की दीवारों पर मनमोहक कलाकृतियाँ…
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दोस्ती 

       मोतिझारे की गंभीर अवस्था से पीड़ित मैं नीचे वाले कमरे मैं बिस्तर पर अकेले  पड़ी थी। तभी अचानक मुख्यद्वार पर एक आहट हुई।  सिर पर आटे का…
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पत्ता परिवर्तन 

वह ताश की एक गड्डी हाथ में लिए घर के अंदर चुपचाप बैठा था कि बाहर दरवाज़े पर दस्तक हुई। उसने दरवाज़ा खोला तो देखा कि बाहर कुर्ता-पजामाधारी ताश का…
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बसमतिया के सपनो में किसान

    वैशाख का महीना तेज घूप और चुनाव का मौसम हर तरफ चहल पहल प्रचार की गाडियाँ रोज गाँव मे आते और प्रचार करते। अलग- अलग पार्टियो के होने की…
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पहाड़ी वाला भूत….

सोनभद्र के घने जंगलों के बीच आदिवासी बाहुल्य एक ऐसा गांव जहां मोबाईल में नेटवर्क पहाड़ पर चढ़े बिना नहीं पकड़ता, जहां शाम होते ही लोगों को पहाड़ पर जाने…
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