Archives for लघुकथा

Uncategorized

रक्तदान 

छोटे बेटे की बीमारी से परेशान सुनीता जैसे तैसे अपने दिन काट रही थी । मजदूर पति सुरेश सुबह ही दिहाड़ी के लिए निकल जाता । मजबूरी थी उसकी बीमार…
Continue Reading
Uncategorized

वो लड़की

आज आफिस के लिए घर से निकलने में कुछ देर हो गई तो लगा कहीं आठ बजे वाली बस निकल न गई हो । खै़र, तेज कदमों से चलता बस…
Continue Reading
Uncategorized

देह का मोह “

 गीतांजलि और सरिता दो ऐसी सहेलियां थी,जो एक दूजे के बिन नहीं रह सकती थी । दोनों के स्वभाव बिल्कुल विपरीत थे । गीतांजलि सरल और शांत स्वभाव की तो…
Continue Reading
Uncategorized

देह की दुर्गति

चार भाई बहनों में बड़ी , नाजों से पली राजो का बचपन हंसते खेलते बीत गया था । कैशोर्य की अल्हड़ता और प्रस्फुटित हो रही मादकता ने उसके स्वभाव में…
Continue Reading
Uncategorized

*उपहार*

          सीमा के हाथ में जैसे ही उनकी ममेरी जिज्जी अंशु ने विदाई के वक्त टीका कर उन्हें उपहार का  पैकिट पकड़ाया तो उनकी आंखें एक…
Continue Reading
Uncategorized

जैसी करो और वैसी भरो

एक बार राधे श्याम की घर की बिजली ख़राब हो गई , उसने अपने दोस्त बलदेव के बेटे राहुल को बिजली ठीक करवाने के बुलाया ! राधे श्याम और बलदेव…
Continue Reading

मातृभाषा को पसंद कर शेयर कर सकते है