केवल स्वपन देखने से नही होते साकार स्वपन पूरे करने है तो सदकर्म कीजिए अपार सदकर्म से ही आपको सफलता मिल जाएगी इसके लिए विन्रमता भी आपके काम आएगी धरातल से जुड़कर जो जीना सीख जाते है विजय पताका वही तो जीवन मे फैहराते है। #श्रीगोपाल नारसन परिचय: गोपाल नारसन की […]

सपनो के पंख लगाकर उडता फिरू जहाँ तहाँ कोई कैसे देखे सुनहले दिन कोसते रहते सपनो को कहाँ कहाँ। जब भी कोई सपना देखू लगता है प्यारी प्यारी खो जाता हूँ उन सपनो में भले ही पूरे न हो सारी। खट्टे मीठे अनुभवो का एहसास है ये सपने हमारी कुछ […]

नई दिल्ली । विश्व हिंदू परिषद के केन्द्रीय कार्याध्यक्ष एडवोकेट श्री आलोक कुमार ने अयोध्या में भगवान श्री राम की जन्मभूमि पर श्रीरामधाम हेतु श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नामक ट्रस्ट के निर्माण की प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा पर प्रसन्नता व्यक्त की है. उन्होंने आग्रह किया है […]

नदी सा हूँ धाराओं में बहूँगा। जंगल सा हूँ बीहड़ लगूँगा। अन्वेषक हूँ कुछ नया पा लूँगा। हिमालय सा हूँ बर्फ सा लगूँगा। यात्री हूँ चलता रहूँगा। फूल सा हूँ बार-बार खिलूँगा। चेतना हूँ क्रियाओं में रहूँगा। प्रशान्त हूँ शान्ति को जन्म दूँगा। आग हूँ जनम भर जलूँगा। #महेश रौतेला […]

गांधी भवन में 9 फरवरी को आयोजित होगा मीडिया विमर्श का सम्मान समारोह भोपाल। मीडिया विमर्श के सारस्वत आयोजन में 9 फरवरी को त्रैमासिक पत्रिका ‘युगतेवर’ (सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश) के संपादक कमलनयन पाण्डेय को प्रतिष्ठित साहित्यक पत्रकारिता सम्मान ‘पं. बृजलाल द्विवेदी अखिल भारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। सम्मान समारोह का आयोजन गांधी […]

कहाँ से हम चले थे, कहाँ तक आ पहुंचे। सभी की मेहनत ने, दिखाया था जोश अपना। तभी तो हम भारत को, इतना विकसित कर सके। पिन से लेकर एरोप्लेन, अब हम बनाने जो लगे।। कड़े लगन और परिश्रम, के द्वारा ये हुआ है। तभी तो भारत को, दुनियां में […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।