शम्भु प्रिया हे उमा भवानी। छटा तुम्हारी शिवा सुहानी।। करवा चौथ मात व्रत मेरा। करती पूजन गौरी तेरा।।१ चंदा दर्श पिया सन करना। मात कामना मम मन धरना।। रहे अटल अहिवात हमारा। मिले सदा आशीष तुम्हारा।।२ पति जीवन हित जीवन अपना। परिजन सुख चाहत नित सपना।। रहे दीर्घ जीवी पति […]

भला है,बुरा है,मेरा पति मेरा सुहाग मेरा ख़िताब तो है भले ही पन्ने पुराने हो, वो मेरे दिल की किताब तो है क्यों निहारु दूर के चाँद को,जब मेरा चाँद मेरे पास है करता है मेरी पूरी तमन्ना,यही मेरे जीवन की आस है ये चंदा तो रोज घटता बढ़ता,कभी छुप […]

हर वर्ष दशानन का दहन हैं होता पर वो तो मानव के मन में जीवित अमरता हैं लियें हुए वो तो एक अपराध(पाप)कर घोर अपराधी(पापी)घोषित हुआ हम नित प्रति ही अपराध हैं करते और मासूम ही रहते उस दशानन को भी है इंतेज़ार कब होगा कलयुग में राम अवतार जो […]

चौथ व्रती बन पूजती, चंदा चौथ चकोर। आज सुहागिन सब करें,यह उपवास कठोर। यह उपवास कठोर , पूजती चंदा प्यारा। पिया जिए सौ साल, अमर अहिवात हमारा। कहे लाल कविराय, वारती जती सती बन। अमर रहे तू चाँद, पूजती चौथ व्रती बन। . 🌙🌙🌙🌙 नारि सुहागिन कर रही,पूजा जप तप […]

मेरे दिल की धडकने,तेरे दिल में ऐसी बजती रहे | जैसे कान्हा की बंसी,राधा के होटो पर बजती रहे || में तुझ को प्यार करू,तुम मुझ को प्यार करो | बस तेरी मेरी जिन्दगी ऐसे ही दिन रात कटती रहे || न आये चेहरे पर कोई शिकन,ये होट मुस्कराते रहे […]

लक्ष्मी स्वरूपा युगल है तो नारायण स्वरूप आप भी बनिए समर्पण भाव युगल में है तो संरक्षक स्वरुप आप भी बनिए दीर्घायु के लिए रखा है व्रत तो दायित्व बोध खुद भी समझिए सीता जैसा फ़र्ज निभाती वह राम के जैसा खुद भी बनिए राधा जैसा प्रेम किया है उसने […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।