भारतीय उपमहाद्वीप में मालद्वीप का अपना स्थान है।हिन्द महासागर के किनारे पर बसा यह लघु देश अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण सभी के लिए हर तरह से महत्वपूर्ण है।भारत का निकटतम पड़ोसी है।भारत के दक्षिण भारतीय राजा रहे हों या समा्रट अशोक के समय बौद्व धर्म का प्रचार प्रसार […]

दशकों से आतंक को झेल रहे कश्मीर ने बुधवार को फिर 05 सीआरएफ जवानों को निगल लिया।यह आतंकी हमला अनंतनाग जिले में हुआ।चार अन्य सुरक्षाकर्मी घायल हुए।एक आतंकवादी भी मुठभेड़ में मारा गया।माना जा रहा है कि कम से कम दो आतंकियों ने अनंतनाग के व्यस्त केपी रोड पर सीआरएफ […]

अभी 05 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया गया।यह साल वायु प्रदूषण के विषय पर है इससे पहले 2018 में हमने इसी दिवस को प्लास्टिक प्रदूषण को हराना है विषय पर मनाया था वायु सबसे बड़ा माध्यम है प्रदूषण को इधर उधर पहुंचाने का।इसीलिए कई बार इसे […]

नई दिल्ली। जून 25, 2018। विश्व हिन्दू परिषद के कार्याध्यक्ष श्री आलोक कुमार ने कहा है कि विहिप भारत में उत्पन्न हुये सभी धर्मों के लोगों का साझा मंच है । अपने विविध कार्यों के माध्यम से विहिप इनकी एकता, समरसता व विकास हेतु प्रयत्नशील हैं। विहिप की प्रबंध समिति […]

बधाई हो!२०१४ में दिल से चुनी गई मोदी सरकार के ३ साल पूरे हो गए। पहली बार ऐसा हुआ कि, प्रधानमंत्री बनाने के लिए सरकार चुनी गई। सरकार के सरदार बने बचपन में चाय बेचने वाले नरेन्द्र मोदी,पर हुआ क्या देश का मुखिया बनते ही इन्होंने अपनी भारतीय जनता पार्टी […]

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बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जयंती विशेष: आज़ाद भारत के वैचारिक समन्वयक बाबा साहब —-अर्पण जैन ‘अविचल‘ धरती जब किसी चरित्रवान् नेतृत्व को जन्म देती है तो निश्चित तौर पर यह नेतृत्व का ही मान नहीं होता बल्कि धरती का भी गौरव स्थापित होता है | एसा ही एक गौरव मालवा […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।