कवि हो ना तूम तो लिखो ना देश की व्यथा जुल्मों की कथा मंदी की मार खत्म होते रोजगार गरीबी की कहानी बाढ का पानी हिंसा की घटनाएं दलितों पर यात्नाएं धर्म के नाम अधर्म संतों के नीच कर्म बच्ची से बलात्कार इंसाफ की चीख पुकार शिक्षा का होता धंधा […]

आज की रात भी अन्य दिनों की तरह हसीन था मैं अपने नींद को लेने यु बिस्तर पे आया था ये कहानी एक अहसास है। आज हम जब 1 बजे उठे पानी पीने के लिए तो हम देखे जग में पानी नही था फिर हम गेट के खोल के पानी […]

जी हां बंगाल की राजनीति में बहुत बड़े उलट फेर होने का दृश्य दिखाई देने लगा है। क्योंकि, बंगाल की राजनीति में दीदी बड़ी ही मजबूती के साथ टिकी हुई हैं। तमाम तरह के राजनीतिक दाँव पेंच के बावजूद भी दीदी को बंगाल की सत्ता से हटा पाना बहुत ही […]

लाल कप्तान फ़िल्म समीक्षक इदरीस खत्री द्वारा समीक्षा निर्देशक-नवदीप सिंह अदाकार-सैफ अली, दीपक डोबरियाल, ज़ोया हुसैन, मानव विच, सिमोन सिंह, सौरभ सचदेव संगीत-समीरा कोप्पिकर फ़िल्म से पहले एक चर्चा भारतीय सिनेमा में पहली बार किसी नागा साधु का किरदार सैफ अली द्वारा निभाया जा रहा है, पाइरेट्स के जैक स्पैरो […]

मापनी मुक्त सम मात्रिक छंद है यह। १६,९ मात्रा पर यति अनिवार्य चरणांत २१२ दो चरण सम तुकांत,चार चरण का छंद {सुविधा हेतु चौपाई+नौ मात्रा(तुकांत२१२)} . शरद पूनम . 🌕 सागर मंथन अमरित पाकर,विषघट त्यागते। अमर हुये सब देव दिवाकर, शिव घट धारते। सूरज देता दिवस उजाला, ऊर्जा जानिये। चंद्र […]

दिल से प्यार करोगे तो ही प्यार मिलेगा। दिल मे अगर प्यार हो तो दिल खिलेगा। भले ही दूर क्यो न हो पर दिल मे मोहब्बत जरूर जगेगा। तभी तो मोहब्बत की गाड़ी आगे बढ़ेगा, और दुनियां में मोहब्बत का महत्व बढ़ेगा।। मोहब्बत पर लिखना सरल है। पर मोहब्बत करना […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।