कहीं पहने हुए, इन्सान की खाल । और कहीं.. ओड़ इन्सानियत का नकाब दिख जाते हैं, सब तरफ भेड़िये । भेड़िये… सिर्फ जंगलों में ही नहीं होते ।। कभी अजनबी, तो कभी बन रिश्तेदार। कभी सीधे, तो कभी करें छिप कर प्रहार । भेड़िये… सिर्फ जंगलों में ही नहीं होते […]

A फॉर आर्मी , B फॉर भारत बाहर हैं कोरोना घर से निकल मत । C फॉर कोरोना , D फॉर डॉक्टर धरती के भगवान कहलाते हैं डॉक्टर ।। E , फॉर ऑय F , फॉर फेस रख सोशल डिस्टेंस , करें मिसाल पेश । G फॉर गाइड , H […]

विहिप की मांग है कि ; भारत में तब्लीगियों और इज्तिमा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। निजामुद्दीन मरकज के भवन और इससे जुड़े बैंक खातों को अविलंब सील किया जाए। इन के आर्थिक स्रोतों का पता लगाकर इन को बंद कर देना चाहिए। इज्तेमा में भाग लेने वाले विदेशियों की […]

न राम चाहिए, न श्याम चाहिए। हम लोगो को तो, कोरोना से निजात चाहिए। है कोई ऐसा मंत्र, अब तांत्रिकों पर। जो कोरोना का, इलाज कर सके।। भविष्य वाणी करने वालो, कहा पर सब सो गये हो। क्या कोरोना के बारे, अपना मुंह खोलोगे। या फिर देशवासियों की भावनाओ से […]

त्याग का पर्याय प्रतीक शौर्य का पुरुषों में उत्तम संहर्ता क्रौर्य का परहित प्रियता भ्राताओं में ज्येष्ठ कर्तव्य परायण नृप सर्वश्रेष्ठ शरणागत वत्सल हैं आश्रयदाता दशरथ नंदन भाग्य विधाता भजे मुख मेरा तेरा ही नाम जय सिया राम जय श्री राम :- आलोक कौशिक संक्षिप्त परिचय:- नाम- आलोक कौशिक शिक्षा- […]

पुस्तक समीक्षा हिन्दी साहित्य मे गजल कार के रूप मे प्रसिद्ध साहित्यकार ,पूर्व शिक्षक ,हिन्दी साहित्य परिषद की ओर से जिनहे सर्व श्रेस्ठ काव्य के लिए 1992 मे गुजरात के तत्कालीन राज्य पाल महामहिम डॉ स्वरूप सिंह के कर कमलों से प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया हे,तथा श्रेस्ठ काव्य के […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।