नींद आती नहीं, चैन पाते नहीं । फिर भी तड़पाने से, बाज आते नहीं। थोड़ा सा बदलो, अपना तुम दृष्टिकोण। कुछ तो जैनधर्म का, अनुसरण करो।। खुद जीओ औरों को, भी जीने दो। महावीर स्वामी का संदेश, जीवन में अमल करो। छोड़कर हिंसा को, अहिंसा पर चलो। और जीवन को […]

सेवा में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, दिनांक: 07 फरवरी 2020 विषय: नागरिकता संशोधन कानून CAA के पक्ष में पदयात्रा की समय रहते तुरंत अनुमति हेतु आवेदन-पत्र के अंतर्गत मेरी सरकार के सुसाशन के सकारात्मक एवं नकारात्मक बिंदु……. एक शोध आदरणीय महोदय, जय हिंद प्रतिलिपि सेवा में:- (1) माननीय सांसद डा.जितेंद्र […]

सादी सादी सी रही,जिन्दगी हमारी ना रहै रंगीनियो के निशान,अर्जी हमारी। कोरे कागज की अनूठी, मिशाल बनी रहे कोई शब्द नही वो, वेमिशाल बनी रहे।। पहचान अपनी सादगी पर , तक्कलुफ कयों है हो रंगीनियो मे डूबे हुए, फिर तकलीफ क्यों है। विलासिता की कालाबाजारी, देख रहा हूँ अपनो से […]

‘सुहाना सफ़र और ये मौसम हसीन’। आजकल के व्यस्त जीवन में एक ऐसे यात्रा की बहुत जरूरत है जो यादगार बने। घूमना और दुनिया देखना कौन नहीं चाहता, काम की थकान के बीच में किसी खूबसूरत जगह की यात्रा, एक नयी ऊर्जा देती है। छुट्टियों का मतलब ही होता है […]

बंद मुठ्ठी जन्म पाते है भाग्य साथ लाते है कर्म के पुरुषार्थ से भाग्य तेज बनाते है जीवन मे ऐसे ही लोग अपार सफलता पाते है याद हमे रखना होगा अहंकार न होने पाए विन्रमता के आभूषण से संस्कारित हम कहलाये सद्गुणों का खजाना लेकर खुली मुठ्ठी हम जाएं। #श्रीगोपाल […]

नींद आती नही, चैन पाते नही । फिर भी तड़पने से, बाज आते नही। दृष्टिकोण अपना थोड़ा बदल लो। कुछ तो जैनधर्म का, अनुसरण करो। खुद जिओ औरों को भी जीने दो। महावीर का ये संदेश, जीवन में अमल करो। छोड़कर हिंसा को, अहिंसा पर चलो। और जिंदगी को अपनी, […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।