आज की दुनिया व्हाट्सएप की दुनिया हैं। हर चीज व्हाट्सएप पर उपलब्ध होनी चाहिए। कोई भी काम पड़ता है तो तुरंत व्हाट्सएप को याद किया जाता है। आज व्हाट्सएप भगवान के बराबर है। कई लोगों की तो जिंदगी ही बदल गई। कई लोगों को बहुत कुछ सीखने को मिला। कई […]

मंडरा रहा है अभी कोरोना मौत देखो हर शहर में.. जाने कौन, कब क्या हो जाये किसे किस पहर में… कोरोना आफत लेकर फैला रही विषाक्त गरल में…. रहा पवन में पल पल घुल देखो नई जहर में …. कोरोना क्या कम था जो अब आया ये हंता देखो…… रहे […]

दिन को यूं गुजारकर क्या करना, किसी को सुधारकर क्या करना! जो मान जाये बात तो बेहतर है, दबाव किसी पर बनाकर क्या करना! बहुत तो तरक्की कर ली है सबने, दिन पुरानें याद दिलाकर क्या करना! कुछ तो कमी है आज भी उनमें, कमी उनकी निकालकर क्या करना! धीरे […]

लॉक डाउन ने किया कमाल उपलब्धियो से मचा धमाल सड़क दुर्घटनाएं बंद हो गई प्रदुषण की दर भी घट गई आकाश साफ होने आने लगा हिमालय स्वच्छ दिखाई देने लगा महामारी का कष्ट बहुत है पर हमको विश्वास बहुत है सावधानी हमारे काम आएगी सफलता हमे जरूर मिल जाएगी हानि […]

कभी जुदाई लगती थी ज़हर अब फ़ासले ज़रूरी है जीने के लिए दर्द तो होता है दिल में मगर हैं अब दूरियां लाज़मी अपनों के लिए छूट न पाएगी कभी वो डगर बढ़े हैं जिस पर क़दम वतन के लिए :- आलोक कौशिक संक्षिप्त परिचय:- नाम- आलोक कौशिक शिक्षा- स्नातकोत्तर […]

मेरी बालमनोविज्ञानपरक निबन्धों की कृति क्यों बोलते हैं बच्चे झूठ से [ बदलते परिवेश निरन्तर नये- नये परिवर्तनों घर-परिवार एवं विद्यालय के दृष्टिकोण में नूतन आयामों के स्पर्श से और भी समस्याओं के रूप हो सकते हैं। बालक से सम्बन्धित समस्यायें कोई भी हों उनके समाधान हेतु विद्यालय एवं माता-पिता […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।