Author Archives: matruadmin

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जनता के लिए जिस कवि ने सत्ता को सिंहासन खाली करने कहा

जनता के लिए जिस कवि ने सत्ता को सिंहासन खाली करने कहा स्वतंत्र भारत में, वीर-रस, प्रगति चेतना और जन-चेतना को लेकर जो कविताई हिंदी के ‘दिनकर’ ने की वह…
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दिनेश कनोजे ‘देहाती’ : हंसी के ठहाकों से साहित्य सेवा तक

रश्मिरथी दिनेश कनोजे 'देहाती' : हंसी के ठहाकों से साहित्य सेवा तक  डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले की कटंगी तहसील के ग्राम सावंगी में पिता श्री…
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राष्ट्रीय कवि संगम का प्रांतीय अधिवेशन एवं कवि सम्मेलन सम्पन्न

राष्ट्रीय कवि संगम का प्रांतीय अधिवेशन एवं कवि सम्मेलन सम्पन्न जम्मू |राष्ट्रीय कवि संगम की जम्मू कश्मीर इकाई का प्रांतीय अधिवेशन आज के एल सहगल हाल, जम्मू में सम्पन्न हुआ।…
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तिनका

एक कमजोर तिनका तैर रहा था उदंड लहरों के थपेड़ों में । लहरें बार- बार आतीं संपूर्ण वेग से डुबो देना चाहती तिनके को । तैरता हुआ तिनका स्वयं भी…
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मिनी 

नाजों से पली मिनी को शादी से पहले इस बात की भनक तक न थी कि शादी के बाद उसे प्रतदिन रोना पड़ेगा l संयुक्त परिवार की  बेटी मिनी के…
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यादों में बसा लेना

रोकर काटी कितनी रातें,राह तकते गुज़ारे जो दिन मधुमय जीवन की बहारें ,झूठी हो गयीं पिया तुम बिन अपनी पीड़ा भूल सजन तुम ,जरा यूँ ही मुस्कुरा देना *पल दो…
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