आज भी उसे काम नहीं मिला था । वह झंडा चैक के चबूतरे पर उदास बैठा था । उसकी माली हालत ऐसी नहीं थी कि वह तीन-तीन दिनों तक मजदूरी न करे और अपने परिवार का पेट भर ले । फिर उसे मुनिया के स्कूल की फीस भी तो देनी […]

देश की सियासत के लिए कुछ भी कहना असंभव है। इसका मुख्य कारण यह है कि सियासत का कोई भी पैरामीटर निर्धारित नहीं है। इसलिए सियासत का ऊँट कब किस करवट बैठ जाए कुछ भी नहीं कहा जा सकता। क्योंकि राजनीति प्रत्येक दिन नया से नया पैंतरा अपनाती है जिसमें […]

अत्र कुशलम तत्रास्तु! सबसे पहले बात भाषा की। आवासीय सोसायटी में रहने वाली डॉ मीनाक्षी महाराष्ट्र की है । पिछले 2 वर्ष से बैंगलोर में हैं। बेटी 12वीं में निजी उर्फ पब्लिक स्कूल में ।विषय कॉमर्स । साथ में अंग्रेजी और हिंदी। हिंदी सुनकर मुझे कुछ आश्चर्य मिश्रित झटका लगा। […]

भारतीय राजव्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में सरकार के अलावा जिन संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, उनमें चुनाव आयोग, उच्चतम न्यायालय आदि के साथ-साथ संघ लोक सेवा आयोग भी शामिल है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) का प्रमुख कार्य सिविल सेवा में नियुक्ति संबंधी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं […]

राजनीति के क्षेत्र में संविधान के अंतर्गत यह सभी को अधिकार प्राप्त है कि कोई भी राजनेता कहीं से भी चुनाव लड़ सकता है। किसी भी राजनेता के लिए किसी भी प्रकार की विशेष अनुमति की आवश्यकता नहीं होती। क्योंकि चुनाव में जो आवश्यकता होती है वह है जनाधार की। […]

भारतीय संस्कृति उत्सव प्रधान है और उत्सव की प्राचीन परंपरा उल्लास और उच्चता से जुड़ी हुई है, जब जीवन में उल्लास हो और तन और मन की उच्चता हो वह समय उत्सव है। दीपोत्सव की परंपरा अनादि काल से भारतीय संस्कृति की अक्षुण्ण पहचान है, वैदिक काल हो या उत्तर […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।