नशा जो किया फिरे भीख मांगता घर बर्वाद | रिश्वतखोरी भरे घड़ा पाप का ड़र काल से | मारे उबाल भारत में अब भी व्यक्ति की जात | वो जी रहे हैं शोषण सहकर भूख मारके | कैसा विकास गरीब हाशिए पे गाँव निराश | नोट खाकर श्रीमान् मालामाल जन […]

बन प्रणेता                   भरा मानस मानस रचकर               दिलाये पहचान दिया आधार।१               तुलसी ज्ञान।२ ममत्व भरा                   दिये तुलसी सिखलाये मर्यादा।           मार्गदर्शिका बन मानस शब्द।३             तपस्या फल।४ मिले निदान                   मानस धार हरिशरण पथ                हरता है चिंतन मानस पाठ।५             शब्दों में सार।६ जगत गान                          महान कवि करता निरंतर                      छोडकर निकले मानस पाठ।७                     अमिट छाप।८ […]

(1)ज्ञान के रंग      जीवन में भरते        गुरु व संत (2)धन का रंग      भरी दीनों की झोली       कान्हा की होली (3)भोर उड़ाए      सतरंगी गुलाल      आसमां लाल (4)सांझ के गाल       जाते जाते भी किए   […]

(1)रहेंगे साथ      बिछड़े पति-पत्नी      हुआ फैसला (2)फैसला आज      करना है समाप्त      आतंकवाद (3)है हरबार      फैसला दरकार      कोई भी वाद (4)राम मंदिर      कब तक फैसला      करेगा तंत्र (5)न्याय प्रक्रिया      बहुत लम्बा वक्त   […]

होली के रंग एकता का प्रतीक हमें सिखाये।। होली रंगीन खुशियाँ बटोरती राह दिखाये।। रंग बिरंग गहरी परिभाषा स्नेह मिलाये।। अनेक रंग मिलकर बढ़ाती रश्में निभाये।। #नवीन कुमार भट्ट परिचय : पूरा नाम-नवीन कुमारभट्ट उपनाम- “नीर” वर्तमान पता-ग्राम मझगवाँ पो.सरसवाही जिला-उमरिया राज्य- मध्यप्रदेश  विधा-हिंदी Post Views: 119

आज विज्ञान थल से आसमान छाया हुआ बेकार नहीं वैज्ञानिक तरीके सार्थक सोच आज इंसान ज्ञान बना विज्ञान वैज्ञानिक है आज विज्ञान अभिशाप भी बना वरदान भी परिचय:- अशोक कुमार ढोरिया मुबारिकपुर(हरियाणा) Post Views: 86

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।