जिन्दगी में सदा, मुस्कराते रहो। फासले कम करो, दिल मिलते रहो। जिन्दगी में सदा, मुस्कराते रहो..….।। दर्द कैसा भी हो, आँख नम ना करो। रात कली सही, कोई गम न करो। एक सितारा बनो, जग मगाते रहो। फासले कम करो, दिल मिलते रहो।। जिन्दगी में सदा, मुस्कराते रहो..….।। जिन्दगी में […]

सेवा में, आदरणीय अजय जैन जी, मुख्य सम्पादक, हिंदी भाषा डाट काम, विषय: श्रेष्ठ लेखक होने के लिए ₹1100 ना भेजने की सूचना हेतु। दिनांक: 31 मार्च 2020। श्रीमान जी, हार्दिक नमस्कार ! आदरणीय आप की अनुडाक द्वारा आज प्राप्त ‘श्रेष्ठ सृजनकर्ता’ की शुभकामनाओं के संदर्भ में आपको संज्ञान करवाना […]

घर मुझे जन्नत से प्यारा मिला खुशनुमा परिवार हमारा मिला इससे महफूज जगह कोई नहीं दर्द भी कांपता और हारा मिला एकदूसरे से इतनी हिम्मत मिली सच हमे अपनो का सहारा मिला बच्चो की मुस्कुराहट किलकारियां हँसी ठिठोली का जैसे नज़ारा मिला #किशोर छिपेश्वर ‘सागर’ परिचय : किशोर छिपेश्वर ‘सागर’ का वर्तमान […]

विवश किया जिन्होंने वो विवश हो गए। उठाकर हमें गहरी नींद से स्वयं सो गए।। हमें सताने हेतु कांटे बोए जिन्होंने भी। हम उनके लिए सुगंधित फूल बो गए।। कर्मों का खेल है समय की प्रतीक्षा कर। देखना अपनी दृष्टि से वो कहां खो गए।। ईश्वर की लीला ईश्वर पर […]

प्रभु याद में जीवन बिताया सदा शांति का पाठ पढ़ाया स्वेत वस्त्र में देवी स्वरूपा चेहरे पर तेज सब ही ने देखा जेब और पर्स से दूर रही फिर भी सदा धनवान रही ओम शांति का पाठ पढाती हर किसी को अपना बनाती हलचल उन्हें नही भाती थी परमात्म स्थिरता […]

आज विश्व में कोरोना महामारी अपना रौद्र रूप दिखा रही है।जिसमे कई विकसित देश भी चपेट में आ चुके है।जहाँ पर स्वास्थ्य सुविधा भी बहुत अच्छी है।लोगो को वहाँ पर lockdown करके एवं कोरोना की जाँच करने के पश्चात क्वारन्टीन एवं आईशोलेशन में रखा जा रहा है।कई देशों की स्थिति […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।