बिहार के चुनाव में मछली मारक दल के गठबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है। अगर इस दल का गठबंधन चुनाव में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतकर सत्ता में आयेगा और यहां के लोगों का समुचित विकास करेगा। उक्त बातें मछली मारक दल के प्रमुख मसरख लाल एक चुनावी सभा […]

उस दिन मुझसे बेटी ने कहा-पापा घर में आप अंडरवियर और बनियान में इधर-उधर न घूमा करें क्यों कि मोबाइल पर अब स्कूल घर पर आ गया है। कल मोबाइल पर मिस मुझे पढ़ा रही थी तब आप अंडरवियर और बनियान में मेरे पीछे घूम रहे थे। यह दृश्य देखकर […]

वेद शास्त्रों में कहा गया है कि जहां महिलाओं की पूजा होती है, वहां पर देवता निवास करते हैं पर सदियों से महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों-अनाचारों को देखते हुए ऐसा बिल्कुल प्रतीत नहीं हो रहा है ।दुनिया सदैव से ही महिलाओं की दुश्मन रही है। पुरुष प्रधान समाज में […]

आप यकीन नहीं करेंगे | दुनियां के कुछ अन्य देशों का कुल बज़ट होता है, उतना खर्च तो भारत के नेता लोगों के समोसों के लिए निकलता है | फिर इस देश के आम जनमानस चाहें भूखा मरे, नंगा रहे, कोई फर्क नहीं पड़ता | आप आश्चर्य करेंगे, जितने लोग […]

सोफे पर अधलेटा होकर सोहनलाल द्विवेदी जी की यह पंक्तियां गुनगुना रहा था- आया वसंत आया वसंत छाई जग में शोभा अनंत सरसों खेतों में उठी फूल बौरें आमों में उठी झूल बेलों में फूले नये फूले पल में पतझड़ का हुआ अंत आया वसंत आया वसंत। मेरी यह गुनगुनाहट […]

कभी आश्चर्य होता है, किस तरह से हमारे मनीषियों, ऋषियों, दिव्य विभूतियों ने,चारों युगों के, गुण धर्मानुसार नामकरण किए। शायद उन्हें पता था, कि चौथा युग होगा ऐसा कलयुग, जहां के कलयुगी प्राणी, कल पुर्जों से घिरे रहेंगे। यंत्र चालित से संवेदनहीन रहेंगे, धुँआ खाएंगे ,धुआँ छोड़ेंगे और धुआँ ही […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।