कभी आश्चर्य होता है, किस तरह से हमारे मनीषियों, ऋषियों, दिव्य विभूतियों ने,चारों युगों के, गुण धर्मानुसार नामकरण किए। शायद उन्हें पता था, कि चौथा युग होगा ऐसा कलयुग, जहां के कलयुगी प्राणी, कल पुर्जों से घिरे रहेंगे। यंत्र चालित से संवेदनहीन रहेंगे, धुँआ खाएंगे ,धुआँ छोड़ेंगे और धुआँ ही […]

  आप वर्तमान दुनिया में “ही”(HE) है या “शी”(SHE) है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, यदी आप “ई” नहीं है तो कुछ भी नहीं है । चौंकिए मत, “ई” वह है जो स्त्री को स्त्री और पुरुष को पुरुष होने का आभास कराता है। आने वाले समय में अपने आप […]

नेता व साधु के बीच यदि कही मैत्री भाव की अनुभूति हो तो समझ ले कि दोनों के बीच “विवेक पूर्ण ” समझौता है! इसी विवेक का इस्तेमाल हम अपने लिए करे अपने अंतर की चेतना से करे तो दोनों में भारी विभेद दृष्टिगोचर होता है क्योंकि दोनों के लक्ष्य […]

  सुख से सम्बन्धित बातें तो बहुत सारी की जा सकती हैं लेकिन कुछ बातें अनुभव की करी जाए तो उसका आनंद अलग है । लोग कहते है कि आंखों देखी और कानों सुनी बात में ज़मीन और आसमान का अंतर आ जाता है, लेकिन आज जो बात है वो […]

यह तो सामान्य सी बात है और सभी को पता होना चाहिए लेकिन नहीं, शायद आम आदमी इन गहरी बातों को नहीं समझ सकता और नही मुझ जैसे मूढ़ मति के व्यक्ति को यह बात समझ में आ सकती है लेकिन जब एक इन्जीनियरिंग का छात्र रह चुका नेता किसी […]

कोलकाता की बसें लगभग अब भी वैसी ही हैं जैसी 90 के दशक के अंतिम दौर तक हुआ करती थी। फर्क सिर्फ इतना आया है कि पहले जगहों के नाम ले लेकर चिल्लाते रहने वाले कंडक्टरों के हाथों में टिकटों के जो बंडल होते थे, वे साधारणत: 20, 40 और […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।