Archives for साहित्य

तार पर टँगी बूँदें

पुस्तक समीक्षा............ वही कविता भविष्य की यात्रा तय कर पाती है जो हमारे जीवन से जुड़ी हो। उसके भाव हमारे दिल की उपज हो या दिल द्वारा ग्राह्य। जो सरलता,सहजता,…
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‘नूर-ए-ग़ज़ल’ का नूर कायम

पुस्तक समीक्षा................... प्राचीनकाल से बिहार संस्कृति और साहित्य के सन्दर्भ में समृद्ध रहा है और आज भी इसका कोई सानी नहीं है। समय-समय पर समाज के पथ प्रदर्शक और विरासत…
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सुकून

दिखावे की होड़ भी, लगती मृगतृष्णा-सी .. जब पैसों के पीछे, भागता है इंसान| समय और पैसा, जैसे रिश्तों से ज्यादा.. अहमियत रखता हो, तभी दौड़ -भाग के खेल में…
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नारी…

स्नेह की धारा है वह, है वात्सल्य की मूर्ति , वीरुध वही,वन वही, कालिका की वो पूर्ति | राष्ट्र,समाज और परिवार को वो समर्पित, स्व पर,हित को करती प्राण भी…
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लघुकथा

पछतावा…सरकारी नौकरी ही क्यों माँ ?

आज 'वेलेन्टाईन डे' है यार,कोई मस्त लव स्टोरी सुना..अरे!कहाँ खोई है अंकिता? बोल न कुछ,चल बता क्या हुआ ? अंकिता ने कहा-'कुछ नहीं रिया, मैं ठीक हूँ। रिया-'देख ! अंकिता,तू…
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