प्रेम में है जीवन की हर खुशियाँ यहाँ , प्रेम में है जीवन की हर दुनियाँ यहाँ , प्रेम में है जीवन की हर रुसवाईयाँ , प्रेम में है जीवन की हर रंगरेलियाँ , प्रेम में है जीवन की परिकल्पना , प्रेम में शामिल है हर आत्मा , प्रेम में […]

सावन की छाई है घटा घनघोर,जाने कहाँ पर बरसे! अ बदरी! तू बरसे वहां, जहाँ पिया मिलन को तरसे!! तन मन उसका झुलस रहा है,तप्त हवा के झोकों से! शीतल समीर तलाश रहा,वो आसपास के झरोखों से!! प्रेमी मन तो होता बावरा, चित कहीं भी ना लग पाए! हरी भरी […]

साँसों से लिख दो कहानी देश के नाम । कर दो कुर्बान यह जवानी देश के नाम ।। ऐ पाक मेघ! यूँ थम कर जरा, रिमझिम बरसो प्रेम – पानी देश के नाम।। चक्र! चलो ऐसे कि फक्र हो जहाँ को, होती रहे प्रगति आसमानी देश के नाम।। क्यों दबे […]

सावन का महीना है भरतार, तू मुझे झूला झुलाने आएयो, तू मुझे झूला झुलााने आइयों, मै करूंगी तेरा घना इंतजार।। हाथो की चूड़ी लाना, पैरों की बिछवे लाना, मांग का सिंदूर लाना, क्रीम पाउडर भी लाना। मै करूंगी सोलह सिंगार, सावन का महीना है भरतार।। कानों के कुंडल लाना, माथे […]

श्रीराधे अर्पित करुं,मानस के ये फूल। हे माधव तुमको भजृं,कीजे चरणन धूल।। जय गिरधारी कुंज बिहारी। सारे जग का तू रखवारी ।।1 रास रचैया जय बनवारी । हे मनमोहन कृष्ण मुरारी।।2 संतन रक्षक पीड़ा हारी । दुष्ट विनाशक तू अवतारी।।3 चौसठगुण सब तुमहि जाना। सोलाह कला लिये भगवाना।।4 जनम जेल […]

पृथ्वी हूं , सूर्य की परिक्रमा को , भला छोड़ दूं कैसे ? पाती हूं जीवन तुमसे, जीवन को भला छोड़ दूं कैसे ? तेज से तुम्हारे ,बोती हूं नए ख्वाबों को पाती हूं एहसासों की फसल को फसल को भला छोड़ दूं कैसे ? चलती हूं संग तुम्हारे ,कदमों […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।