Archives for काव्यभाषा

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सत्य पथ

तनिक नही भयभीत मैं अविचल खड़ा अटल हूं। न हार में न जीत में मैं सत्य पथ पर प्रशस्थ हूं। नही बदले मेरे विचार नही मांगा कुछ अधिकार अपने संस्कार…
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हम बहुत कुछ करते हैं दिखाने को

हम बहुत कुछ करते हैं दिखाने को। हाथों की लकीरों को आजमाने को। न सुबह को चैन है न रात को आराम, हाय ये क्या हो गया इस जमाने को।…
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हम मिले दर्द को छिपा कर के

हम मिले दर्द को छिपा कर के क्या मिला उनसे यूँ वफ़ा करके याद करते है वो भुला कर के फिर बुलाते है वो दुआ कर के पल दो पल…
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रामायण

रामायण की सुनिए वाणी। पाप मुक्त हो जाता प्राणी। रहमत की आधार सिला ये, जन-जन की ये कल्याणी।।१ सतियों की है अमर कहानी। गाथाओं की है भरी रवानी। विपदाओं को…
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इंतज़ार है तुम्हारा

बहारें इंतज़ार करती,ग़ुलों के खिलखिलाने का । हमें भी इंतज़ार है अब, तुम्हारे मुस्कुराने का ।। तुम्हारे नाम है मेरी ये सारी ज़िंदगानी ।।। हमें तो शौक है तेरी, बांहों…
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आपके प्यार भरे बोल… 

आपके प्यार भरे दो शब्द, हमे एक नई ऊर्जा देते है। तभी तो हम कुछ अच्छा, और सार्थक लिख जाते है।। दिन निकल जाते है इसी तरह से, आपकी बातो…
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