देश की प्रसिद्ध रिकार्ड पत्रिका ‘ महाराष्ट्र बुक ऑफ रिकार्ड्स ‘ में शा उत्कृष्ट उ मा वि आगर के शिक्षक डाॅ दशरथ मसानिया के नाम शैक्षणिक नवाचार के 6 रिकार्ड दर्ज किये गये है। इस उपलब्धि पर पत्रिका ने इन्हें विक्रम अवार्ड से सम्मानित किया है। जो ISSN no.23490446 पृष्ठ […]

अखिल भारतीय साहित्य मंथन शोध संस्थान एवं के.बी.एस. प्रकाशन दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 17 अप्रैल 2021 को कोलकाता, पश्चिमी बंगाल में आयोजित सम्मान समारोह में भिवानी के युवा एडवोकेट डॉ. नरेश सिहाग को साहित्य, शिक्षा, पत्रकारिता एवं शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए साहित्य मंथन कलमयोद्धा […]

म प्र आगर मालवा के शासकीय उत्कृष्ठ उ मा वि मे कार्यरत साहित्यकार, योगी, लगनशील, परिश्रमी, प्रयोगधर्मी, नवाचारी शिक्षक डाॅ दशरथ कुमार गवली ‘मसानिया’ का जन्म 13 मई 1966 को एक ग्वाला समाज के निर्धन परिवार में हुआ। जन्म के दो वर्ष बाद ही पिताजी ने संयास ले लिया,अतः माता […]

गोंदिया। जिला परिषद कार्यालय के बालरक्षक विभाग (समग्र शिक्षा) की ओर से शहर के प्रसिद्ध कवि एवं शिक्षक श्री निखिलेश यादव को 5 अप्रैल को पंचायत समिति कार्यालय में आमंत्रित कर सम्मानपत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान गट विकास अधिकारी श्री प्रकाश निर्वाण के हस्ते प्रदान किया गया। इस […]

हिसार .नवोदित लेखकों को मंच प्रदान कराने के उद्देश्य से पिछले इक्कीस साल से चलाए जा रहे मासिक काव्य गोष्ठी कार्यक्रम के अन्तर्गत नगर की प्रमुख साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था प्रेरणा परिवार की मासिक काव्य गोष्ठी स्थानीय टाऊन पार्क में संस्था निदेशक शुभकरण गौड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। […]

रुड़की- नवसृजन साहित्यिक संस्था द्वारा प्रकाशित काव्य संकलन “सृजन सरोवर -रुड़की ” का लोकार्पण एक भव्य समारोह में किया गया। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार शिक्षाविद डॉ योगेंद्र नाथ शर्मा “अरुण” ने की जबकि मुख्य अतिथि मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार डॉक्टर आनंद भारद्वाज रहे । विशिष्ट अतिथियो में शिक्षाविद डॉ […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।