काव्य वही जो दिशा दिखाए, सरल भाव औ शब्दों से, महक उठे और महकाये जो कण-कण को स्पर्शों से, पहुंचे जन-जन के हृदय तक, नित्य जलाए नवीन चिराग युवा-बच्चे-वृद्ध सबों को, रंग दिखाएं जीवन के… भावनाएं शब्दों के बंधन में बंधी नहीं होती – शब्दों के जाल से नहीं, हृदय […]

पुस्तक समीक्षा वीर एकलव्य सेवा समिति आगरा के सौजन्य से प्रकाशित स्मारिका युवा धड़कन 2020 पढने का सौभाग्य प्राप्त हुआ । इस स्मारिका के मुख्य संपादक हैं चर्चित साहित्यकार मुकेश कुमार ॠषि वर्मा जी और संपादक हैं अवधेश कुमार निषाद जी।सह संपादक हैं उमेश पाल जी।यह स्मारिका इसलिए भी खास […]

पुस्तक :जिंदगी न मिलेगी दोबारा लेखक: शिखर चंद जैन प्रकाशक:प्रखर गूँज प्रकाशन,नई दिल्ली कीमत: 250/ मात्र शिखर चंद जैन हिंदी के उन बिरले लेखकों में से हैं जिन्होंने कलम को अपने जीवन यापन का साधन बनाया है । उन्हें सही मायने में कलमजीवी लेखक कहा जा सकता है। ऐसे समय […]

वर्तमान में बाल साहित्य उन्नयन के लिए एक नाम देशभर में जाना पहचाना है, वह है श्री राजकुमार जैन राजन का, जो कि तन-मन और धन तीनों तरह से बाल साहित्य के लेखन, प्रकाशन और निःशुल्क वितरण के क्षेत्र में अपना अहम योगदान दे रहे हैं। बाल साहित्य के अलावा […]

आद्य संपादक: स्व जेठलाल जोषी प्रबंध संपादक :श्री शरद जोषी अंक :अक्तूबर दिसंबर २०१९ समीक्षा : समीक्षक : डॉ गुलबचन्द पटेल गुर्जर राष्ट्र वीणा का दिसंबर २०१९ का सुंदर मुख पृष्ठ वाला अंक गुजरात के राष्ट्र तिरंगा के रंगो से छपे मेप और श्री नरेंद्र भाई जोषी संपादक की हिन्दी […]

भारतीय गणतंत्र की स्थापना के 70 वें साल में वरिष्ठ पत्रकार और शिक्षाविद् डॉ. देवेन्द्र जोशी की हाल ही में प्रकाशित हुई कृति “हम भारत के लोग” में उनके द्वारा गणतंत्र की स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा को सप्रमाण सचित्र उभारा गया है। पुस्तक की शुरूआत हम भारत […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।