
दीवाली खुशियों का त्योहार है,
चलो सब मिल दीप जलाओl
गरीब कुम्हार के घर में भी,
थोड़ी-सी खुशियां दे आओll
दिल से सारे बैर भुलाओ,
दुश्मन को भी हँस के गले लगाओ।
कोशिश करो कि अंधियारा दूर हो
द्वेष और ईर्ष्या दिल से मिटाओll
सारे कष्ट दूर हो जीवन से,
न हो कोई कष्ट काया काl
न हो कोई दुःखी माया का,
हिल-मिल के सारे त्यौहार मनाओll
चलो आज सब मंगल गाओ,
नए ताजे मिष्ठान बनाओ।
योगी जी राम का अभिषेक करें,
सरयू किनारे दीप जलाओll
हो इस बार प्रदूषणमुक्त दीवाली,
हम सब मिलकर प्रयत्न कर रहे।
न हो ज्यादा ध्वनि प्रदूषण,
वायु को दूषित होने से बचाओll
स्वच्छता और सुंदरता का,
चारों ओर आव्हान उठाओll

