पिछली रात हुई बरसात ,
और पानी सड़कों पर आया।
भोर हूई और देख हाल,
मेरा तो बस मन भर आया।
कहीं डालियां टूटी बिखरी है,
कहीं कीचड़ की नदियां दिख रही है।
सब और हलचल छा गई है,
और जनता सारी चीख रही है।
लगता है आँधी भी थी इस बारिश के साथ,
पिछली रात हुई बरसात॥
सड़कें टूट गई हैं और हालत कुछ खस्ता है,
ये घोटालों का नतीजा है और कर्मचारी सस्ता है।
आना-जाना वाहनों का मुश्किल-सा हो बैठा है,
पैदल चलना भी दूभर है, टूटा सारा रस्ता है।
कुछ जर्जर मकान गिर गए, उनका मलबा भी फैला है ,
मालूम नहीं कुदरत ने ये कैसा खेल खेला है।
देख यह सब ,मुझे जैसे,लगा कोई आघात,
पिछली रात हुई बरसात॥
अट्टालिकाओं के मालिक खुश हैं पर गरीब इस बार तरसा है,
कुछ घर तो बेघर हो गए,शायद पानी ज़मकर बरसा है।
पौधे टूट गए और फसलों की हालत काफी बुरी है,
कुछ की आधी खराब तो कुछ की खराब पूरी है।
पीपल के नीचे निगाह गई तो देखा पक्षी मृत पड़े हैं,
दुसरी और कुछ लोग अपने ही घर से बाहर खड़े हैं।
पानी घरों में भर गया और परेशान हुई गरीब जात,
पिछली रात हूई बरसात।
कुछ नया नजर नहीं आया है बस पुराना भी नष्ट हुआ,
कुछ मुआवजा मिला होगा पर लोकतन्त्र भी भ्रष्ट हुआ।
जब बरसता बादल है तब हर बार यही होता है,
अमीर वर्ग हंसता रहता है और दीन वर्ग रोता है।
देखा है मैंने कई बार, वो टपकती छत के नीचे सोता है,
पर नींद नहीं आती क्योंकि छत गिरने का डर होता है।
किसी से कहो तो कहते हैं,कि छोड़ो न ये बात,
पिछली रात हुई बरसात॥
#शुभम सोनी
परिचय: शुभम सोनी का निवास सोनी मरुस्थली राज्य राजस्थान के चुरु में है। १७ साल के शुभम का जन्म स्थान-लालगढ़ (चुरु) है। शिक्षा बी.कॉम. जारी है। कविता लिखना अधिक पसंद है।