चित्तौड़ के राज घराने में उदयसिंह व जेवन्ता बाई के घर एक विलक्षण बालक का जन्म होता है। इसका नाम प्रताप रखा गया। जेवन्ता बाई जन्म से ही प्रताप को मातृभूमि के प्रति कर्तव्य का पाठ सिखाती है, अफगान शासक शेर शाह सूरी के अधीन चित्तौड़ पर उस समय उदयसिंह […]

समस्त टीकाकरण केंद्रों पर प्रभारियों को टीकाकरण हेतु 1 बैकअप लिस्ट बनाकर रखना चाहिए जिसमें टीका लगवाने वाले ऐसे फ्रंटलाइन वर्कर, समाजसेवी, पत्रकार, युवाओं के नाम व मोबाइल नम्बर हो। जैसा कि हम जानते है, वैक्सीन का 1 डोज़ निकलने पर 10 लोगों को वैक्सीन लग सकती है। यदि दिवस […]

भारतवर्ष सदैव से एक अलौकिक राष्ट्र रहा, जहां अपने महापुरुषों का स्मरण करने की परंपरा रही है। अनेक सन्तों, वैज्ञानिक, क्रांतिकारियों की जन्मभूमि होने के कारण भारत विश्व मे आध्यात्म का केंद्र ही नही रहा अपितु अपनी भूमिका को भारत ने विश्वगुरु बनकर सदैव निभाया भी है। आज से लगभग […]

लेखक संघ के प्रचारक रहे है, उन्होंने अपनी इस छोटी सी पुस्तक में भारत के संतों के आविष्कार, भारत के दर्शन, भारत की अतीत में विश्व गुरु की भूमिका को अच्छे ढंग से प्रस्तुत किया। भारत पर हुए आक्रमण व आक्रमण के बाद जनता के दृष्टिकोण की भी विस्तृत व्याख्या […]

सृष्टि में ऐसे कई दिव्य व्यक्तित्वों का आगमन हुआ जिन्होंने अपने कृतित्व से अपने कुल वंश का ही नही समस्त मानव जाति का मान बढ़ाया। मानव सभ्यता के ऐसे महापुरुष जिनके समान मर्यादा का प्रतिमान दूसरा कोई स्थापित नही हो पाया। त्रेता युग के दैवीय अवतार, जन जन के प्रिय […]

सभी जानते है लोक डाउन क्या है, यह भी जानते कि यह आवश्यक है, क्योंकि हम लगभग भूल चुके थे, मास्क पहनना, हाथ धोना, दूरी बनाकर रखना। हम भूल चुके थे कोरोना संक्रमण। लगभग एक वर्ष होते होते हम इसके अभ्यस्त हो चुके थे, प्रशासन भी अब सावधानी के इतर […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।