मुझे क्यों भुला रहे हो,
दूर तुमसे जा रही हूँ..
क्यों नहीं बुला रहे हो,
अपनी मैं हूँ तुम्हारी..
पहले थी मैं सबको प्यारी,
बेजुबाँ तुम लोग थे जब..
बोलना मैंने सिखाया,
बहन देवनागरी ने कैसे लिखना है बताया..
अस्तित्व को तुम मेरे क्यों मिटाने जा रहे हो।
दूर तुमसे जा…..॥
मेरी जननी को मिटाया तब जन्म मेरा हो चुका था,
अब क्यों पराई बेटी को तुम गोद लेने जा रहे हो..
फिरंगियों की लाड़ली को क्यों गले लगा रहे हो,
मुझसे पहले बच्चों को उसे क्यों सिखा रहे हो?
दूर तुमसे जा……॥
अपने घरों में आज तुम उसे क्यों सजा रहे हो,
मेरी जगह में बताओ उसे क्यों बिठा रहे हो..
दफ्तरों में देश के तुम उसे ही चला रहे हो,
रूठकर मैं जा रही हूँ क्यों नही मना रहे हो।
दूर तुमसे जा………॥
#पंकज मिश्रा ‘प्रीतम’
परिचय : पंकज मिश्रा ‘प्रीतम’ का स्थाई निवास उत्तराखंड राज्य के चम्पावत जिले के टाक बलवाड़ी गाँव में है। बतौर अभिनेता रंगमंच कार्यशालाओं तथा हिन्दी रंगमंच में कार्य करते हैं। आपकी उम्र २४ वर्ष है।प्रारम्भिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद रंगमंच में कार्य करने के साथ साथ जीवन यापन हेतु अंशकालिक कार्य भी करते हैं। अभी इस राज्य में रंगमंच की स्थिति ठीक नहीं होने से वर्तमान में दिल्ली में रह कर रंगमंच कर रहे हैं।
Nice keep it up dear
mast laga yaar