
जो हमारे अपने थे
वो हमसे दूर हो गए
इस मुई महामारी से
हम सब मजबूर हो गए
कभी सोचा न था
ऐसी घड़ी भी आएगी
वो अस्पताल में रहेगे
हम मिलने तक से
मजबूर हो गए
जिनके प्यार में हमने
पलक पावड़े बिछाये सदा
उन्हें देखने तक को
हम असहज हो गए
इस छोटी सी बगिया के
आप ही तो रहबर हो
क्या गुनाह हमने किया
जो हम मजबूर हो गए
सावधान गर रहते आप
दो गज दूरी अपनाई होती
यह दिन देखना न पड़ता
जो अपनो से दूर हो गए।
#श्रीगोपाल नारसन

