मनचाही जब हो नही प्रभु पर छोड़ दो काम वे ही काम संवारते है सबके वे ही दाताराम हमारा धर्म कर्म करना फल परमात्मा के हाथ नियत हमारी सही रहे सफलता का मिले साथ स्वयं निमित्त बनकर रहे माने परमात्मा का काम मन की मुराद पूरी हो करे परमात्म धन्यवाद […]

कल ही उन्होंने वृक्षारोपण कर अखबार में ख़बर छपवाई थी साथ मे उनकी फोटो भी आई थी वृक्ष महत्ता पर दिया था भाषण करना होगा पर्यावरण संरक्षण आज उन्होंने ही कटवा डाला आंगन में खड़ा नीम का पेड़ जो दे रहा था पूरे घर को छांव वही आशियाना था कोयल […]

पवित्र है तभी तो पूजे जाते देव कन्या की पवित्रता पर हम छूते उसके पाँव समय के साथ जब कन्या वधु बन जाती है वधु खुद पाँव छूती हुई सबको नजर आती है पवित्रता से पतित बनने की यह बात सहज ही समझ में सबके आ जाती है पूजा देव […]

नकारात्मकता मन से निकालो सकारात्मकता मन मे बसा लो परिवर्तित जीवन हो जायेगा सबकुछ अच्छा हो जाएगा नकारात्मकता जीवन पर भारी तनाव करता हम पर सवारी बीमारियो को निमन्त्रण देता शांति मन की हर लेता सारी सकारात्मकता अच्छा बनाती जीवन मे खुशिया ही आती कोई पराया न रहे जगत मे […]

हिन्दी की पत्रकारिता ने छुए नित नए आयाम गणेश शंकर विद्यार्थी है इसमे सबसे ऊंचा नाम मिशनरी पत्रकारिता के वे ही असली जनक थे देश की आजादी के पत्रकार भी नायक थे लेकिन घटते मूल्यों से पत्रकारिता आहत हुई सच्चाई दम तोड़ रही चापलूसी आबाद हुई मीडिया मे खबरों के […]

30 मई पत्रकारिता दिवस व्यवसायिकता के इस दौर में जीवन मूल्यों का जितना ह्रास हुआ है उतना शायद किसी अन्य क्षेत्र में नही हुआ।निष्पक्ष, निर्भीकता और पूर्वा ग्रहों से ग्रसित न होने का दावा करने वाले बड़े बड़े मीडिया संस्थान भी आज सत्ताधिशो की गोद मे बैठकर पत्रकारिता के सिद्धांतों […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।