आज हिंदुस्तान,पाकिस्तान समेत पूरी दुनिया में हिंदू समुदाय۔ रक्षा बंधन मना रहा है। रक्षा बंधन या राखी का त्योहार भाई-बहनों के प्यार, उनके खूबसूरत अविभाज्य रिश्ते का उत्सव है, जिसे पूरे विश्व में हिंदू समुदाय द्वारा पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन, हिंदू परिवारों में बहनें चावल […]

कोरोना की तीसरी लहर की दस्तक सुनाई देने लगी है। सरकारें लोगों को जागरूक करने के नाम पर तरह-तरह के प्रयोग कर रहीं हैं। कहीं एनजीओ को प्रचार-प्रसार का जिम्मा सौंप दिया गया है तो कहीं सरकारी अमला ही बडे बजट का उपयोग कर रहा है। महानगरों से लेकर कस्बों […]

बच्चे ही तो युवा बनते हैं और युवा ही तो भारत का भविष्य है।और आप सोच सकते हैं कि भारत का भविष्य जब सही मार्गदर्शन ना पाए तो भारत की अवस्था क्या हो सकती है ? यह सोचने वाली बात है यह आपके सामने एक प्रश्न खड़ा करता है ? […]

अह्म की संतुष्टि के लिए कुछ भी कर गुजरने वाले राजनैतिक दलों ने देश को खोखला करके रख दिया है। ईमानदार लोगों की मेहनत की कमाई पर बेईमान लोगों को गुलछर्रे उडाने की सुविधा देने वालों ने एक बडी जनसंख्या को हरामखोरी की आदत डालना शुरू कर दी है। कभी […]

मानवीय संस्कृति पर निरंतर संकट के बादल मडरा रहे हैं। चीन की सरजमीं से जैविक युध्द का होने वाला शंखनाद अब कोरोना की तीसरी लहर के रूप में सामने है तो अमेरिकी सेना की वापसी के साथ ही अफगानस्तान पर तालिबान का कब्जा होता जा रहा है। अनेक देश तालिबान […]

नींद प्राणी के जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। नींद से प्राणी नई ऊर्जा को ग्रहण कर कार्यों को सही ढंग से करने में सक्षम होता है, जिन व्यक्तियों की नींद पूरी नहीं होती उनकी स्थिति शराबी जैसी होती है। लंबे समय तक नींद पूरी न हो तो इससे प्राणी […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।