
प्यार में आँसू बहाना छोड़ दे,
साथ के सपने सजाना छोड़ दे।
मैं कहूँगा हाँ मगर तुम ना कहो,
हाँ-नहीं में हाँ जताना छोड़ दे।।
बेवजह की बात जिससे बढ़ रही,
उन सवालों को उठाना छोड़ दे।।
बीत जायेगा समय ये भी सुनो!,
बात को दिल पै लगाना छोड़ दे।।
मैं तुम्हारी हर जरूरत क्यों बनूँ,
यार! बातों में रुलाना छोड़ दे।।
चन्द लम्हों में सुलझ जायेगा सब,
*ओज* आँखों को मिलाना छोड़ दे।।
गणतंत्र ओजस्वी,
आगरा

