जैसी करनी वैसी भरनी

nisha gupta
कल एक समाचार पत्र में प्राप्त समाचार जिसमे एक कान्वेंट स्कूल अपने बच्चों को वर्द्धा आश्रम लेकर गया जहां एक बच्ची अपनी दादी को वहां देख रोने लगी जब उससे कारण पूछा तो उसने बताया कि पापा मम्मी ने बताया कि दादी को चाचा ले गए है ।
                     दादी को वहां देख बच्ची के दिल पर क्या गुजरी और बड़ों ने छोटो को क्या शिक्षा दी
कहाँ जा रहे हैं हम आत्म चिंतन की आवश्यकता है
उसपर लिखी मेरी कुछ पंक्तियां
☹☹☹☹
जैसी करनी वैसी भरनी याद सदा रखना होगा
जैसा अपने लिए चाहोगे काम वो ही करना होगा
करो बड़ों का आदर तुम तो , आदर फिर पा जाओगे
भेज वर्द्धाश्रम मात पिता को बच्चों को क्या समझाओगे
कैसा ये इतिहास बनाया कुछ अज्ञानी लोगो ने
अपने पैर कुलाड़ी मारी सिर अपना ही कलम किया
क्या बीतेगी बच्चों पर देख आश्रम में दादा दादी
अनजाने में राह दिखा दी खुद ही अपनी संतति को
नन्ही सी वो जान अब कभी विश्वास ना कर पाएंगी
कल को अपने मात पिता और बड़ों  से नेह कैसे रख पाएगी
सास ससुर दिल से दूर सदा रहते है कैसे ताल बैठायेगी
अनजाने में ही चाहे जहर फिजा में घोल दिया
उस नन्ही कली को वक़्त से पहले ही तोड़ दिया
कैसे समाज चले संस्कृति पर प्रश्न भयंकर छोड़ दिया
प्यारी सी नन्ही कली का ह्रदय प्यार प्यार  में तोड़  दिया
#निशा गुप्ता
 
वर्तमान/स्थायी पता   देहरादून उत्तराखंड
 
 शिक्षा     MSc (Chemistry)
 जन्म एवं जन्म स्थान.     11 जुलाई, मुज़फ्फरनगर 
                                           उत्तर प्रदेश
 व्यवसाय।                    गृहणी
 
प्रकाशन विवरण :
1   सेवा प्रसून, आगरा  से प्रकाशित पत्रिका
2    हिमालय हुंकार,     देहरादून से प्रकाशित पत्रिका 
3    राजवंश समाज ज्योति, मेरठ से प्रकाशित पत्रिका
4     हिंदी सागर त्रिमासिक पत्रिका 
5        नारी काव्य सागर 
सम्मान का विवरण (यदि कोई हो तो दें)
1 श्रेष्ठ कवयित्री सम्मान से सम्मानित 
2 नारी सागर सम्मान 
3 काव्य पाठ स्वदेशी मंच देहरादून 
 4 काव्य पाठ छात्र संगठन सप्ताह देहरादून में 
5 अखिल भारतीय अग्रवाल राजवंश सभा में काव्य पाठ 
 
11- संस्थाओं से सम्बद्धता
 
1  मंत्री वैश्य अग्रवाल राजवंश महिला सभा ,देहरादून 
 
2  प्रंतीय महिला प्रमुख व श्रवण बाधित प्रकोष्ठ प्रभारी 
उत्तराखंड 
 
3  स्वस्तिक सेवा सोसाइटी में सब्जेक्ट एक्सपर्ट 
नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत स्कूलों में बच्चो से वार्ता 
 
4   पूर्व मीडिया प्रभारी 
सेवाभारती, देहरादून
 
5    प्रांतीय वर्ग बौद्धिक प्रमुख   2016 
 
6    सदस्य विद्योत्मा विचार मंच देहरादून
 
7   पूर्व संस्थापिका गार्गी किशोरी विकास केंद्र देहरादून 
 
8  कौशल विकास् प्रशिक्षण   वर्ग सयोंजक 
स्वामी विवेकान्नद सेवा संस्थान पंजिकृत 
देहरादून उत्तराखन्ड।  

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।