कृत्रिम चन्द्र कल्पना* 

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babulal sharma
कृत्रिम चंद्र परिकल्पना, चलती देश विदेश।
बच्चों की प्रतिभा सुनो, होती  खूब विशेष।।
.             🌝🌕
चन्दा तू मत सोचियो,केवल तेरो राज।
चार दिना की चाँदनी, देय हमारे काज।।
.             🌝🌕
मानवता के पूत हम, करें नित नई खोज।
तेरी क्यूँ मर्जी  सहें, करे अमावस  दोज।।
.             🌝🌕
मानव  ने  दीपक  जला , मेटा  है  अँधियार।
बल्ब प्रकाशित कर दिए,करने को उजियार।।
.            🌝🌕
सूरज ऊर्जा खेंच कर,करते खूब प्रकाश।
अब ऐसी करनी करें, ताके नहीं अकाश।।
.             🌝🌕
उभय चन्द्र हमने बना,टाँग दिया आकाश।
प्रति दिन जो रोशन रहे,ऐसा होय प्रकाश।।
.             🌕🌝
मानव   के  बच्चे  हुए, अब  ऐसे  हुशियार।
नकली चन्दा जड़ दिया,बाँस जोड़ इकसार।।
.             🌕🌝
देखे  दुनिया  चाँद  है, आज करे  परिहास।
भावि समय में देखना,जब यह करे प्रकाश।।
.             🌕🌝
कृत्रिम चन्द्र की कल्पना,होनी है साकार।
ब्रह्मा, विष्णु ,महेश से, बच्चे  तीन तयार।।
.             🌕🌝

नाम– बाबू लाल शर्मा 
साहित्यिक उपनाम- बौहरा
जन्म स्थान – सिकन्दरा, दौसा(राज.)
वर्तमान पता- सिकन्दरा, दौसा (राज.)
राज्य- राजस्थान
शिक्षा-M.A, B.ED.
कार्यक्षेत्र- व.अध्यापक,राजकीय सेवा
सामाजिक क्षेत्र- बेटी बचाओ ..बेटी पढाओ अभियान,सामाजिक सुधार
लेखन विधा -कविता, कहानी,उपन्यास,दोहे
सम्मान-शिक्षा एवं साक्षरता के क्षेत्र मे पुरस्कृत
अन्य उपलब्धियाँ- स्वैच्छिक.. बेटी बचाओ.. बेटी पढाओ अभियान
लेखन का उद्देश्य-विद्यार्थी-बेटियों के हितार्थ,हिन्दी सेवा एवं स्वान्तः सुखायः

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29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।