अंतरराष्ट्रीय तथागत सृजन सम्मान 2018 के लिए श्रीगोपाल नारसन चयनित

gopal narsan
रुड़की |

साहित्यकार श्रीगोपाल नारसन को अंतरराष्ट्रीय तथागत सृजन सम्मान 2018 के लिए चयनित किया गया है।जिसके लिए राष्ट्रीय साहित्य अकादमी के पूर्व सदस्य डा योगेन्द्र नाथ शर्मा अरुण,उत्तराखण्ड के जनकवि डा अतुल शर्मा,मदरहुड विश्वविद्यालय के प्रति कुलाधिपति डा राजीव त्यागी, लाफ़्टर चैनल के हास्य कवि मुकेश गौतम ,मौनतीर्थ धाम उज्जैन के पीठाधीश्वर सन्त सुमन भाई ने उन्हें बधाई दी है।
यह सम्मान उन्हें 11 नवम्बर को महात्मा बुद्ध की धरती सिद्धार्थ नगर मे आयोजित देश विदेश के साहित्यकारों के समागम अवसर पर सिद्धार्थ तथागत कला साहित्य संस्थान द्वारा प्रदान किया जायेगा।संस्थान के अध्यक्ष डा भास्कर शर्मा ने बताया कि यह सम्मान उन्हें उनकी साहित्यिक सेवाओ व सक्रियता के लिए दिये जाने का निर्णय लिया गया है।उन्होंने बताया कि जाने माने साहित्यकार व संस्थान संरक्षक डा राजेन्द्र परदेसी इस सम्मान समिति के अध्यक्ष है जिनकी अनुसंसा पर श्रीगोपाल नारसन के नाम को चुना गया है।इस साहित्य समागम मे भारत सहित कई देशो के विभिन्न भाषाओ के साहित्यकार भाग लेंगे।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।