“मुखिया जी को बुलाओ पहले…” एक सेवादार चिल्लाया “इसमें मुखिया जी का क्या काम है?” दूसरे ने तरमीम किया। “वसीयत से लेकर संदूक की चाभी तक सब तो उनके पास ही है उनके बिना आखिर करोगे क्या?” पहले ने अपने छठवीं ज्ञानेन्द्री पर जोर डालते हुए दूसरे को बिस्वास में […]

तुझको तेरा हाल मुबारक मुझको मेरा हाल मुबारक तुझको तेरा पिज्जा बर्गर मुझको रोटी दाल मुबारक तेरे हर सपने तूफानी मेरी लंगड़ी चाल मुबारक तुझको चाकू बल्लम भाले घोड़े को बस नाल मुबारक तुझको तेरे झूठे दाने आखेटक को जाल मुबारक # दिवाकर पांडेय ‘चित्रगुप्त’  Post Views: 353

जब कभी मेरी  मांँ का  आंँचल मेरे सर पर आए , दुनिया की मजाल क्या ईश्वर भी न कुछ कर पाए, मांँ  के  चरणों  में  स्वर्ग  संग  चार  धाम  बसे  हैं- छू  माँ  के चरणों को मिट्टी पावन चंदन बन जाए। नाम-प्रज्ञा पाण्डेय साहित्यिक उपनाम-प्रज्ञा पाण्डेय वर्तमान पता-उन्नाव, उत्तर प्रदेश […]

           *कलाधर छंद* श्वेत  वस्त्र  धारिणी  सुहंस  पै  रही  सवार, मातु   ज्ञान   दान   दे   सुचेतना  उभार  दे| अंधकार  हार  के  हरो  सभी  हिये   विकार, दिप्त   शुभ्र   विश्व   में   सुलोचना   पसार  दे|| तत्व  ब्रह्म  वेद  की  समस्त  ज्ञान  धारिणी  तु, लेखनी   मयूर   पंख   छंद   बंध   सार  दे| […]

पिंकी के फोन की घंटी बजती है पिंकी “हेलो कौन” उधर से आवाज आती है “मैं रेनू कैसी हो पिंकी” पिंकी खुशी से झूम उठती है “अरे रेनू तुम कहाँ हो? तुम्हारा नंबर भी नहीं लगता,शादी के बाद से तो तुम्हारी कोई खबर ही नहीं है। भूल गई क्या अपनी […]

वास्तु शास्त्र और फेंगशुई को लोग एक समान समझने की गलती कर रहे हैं। जिसके कारण लोग वास्तु शास्त्र की अपेक्षा फेंगशुई में बताई गई वस्तुओं का अधिक उपयोग करने लगे हैं। बाजारों में दुकाने फेंगशुई की सामान से भरी पड़ी है।और लोग बिना समझे उसका अत्यधिक उपयोग करते जा […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।