हिंदी राष्ट्रभाषा है,हमारी मातृभाषा है। दिलो को छू जाए, गौरवमई भाषा है।। कण कण में भगवान है,अक्षर अक्षर में मिठास है। हर अक्षर से शब्द बने, भावनाओ को व्यक्त करें।। हिंदी से हिंदूस्तान है, संस्कृत से संस्कार है। यहीं सभ्यता जन्मी, यही आस्थाओं की नगरी।। हिंदी के रूप अनेक है, […]

सर्वोदय जन जन का मंत्र हो, आम जनता कभी न त्रस्त हो, सभी अपने कार्यों में व्यस्त हो, नव निर्माण का पथ प्रशस्त हो, दिलों से सभी के बैर ध्वस्त हो, दैनिक जीवन की वस्तु सस्त हो, बार-बार ये पन्द्रह अगस्त हो। देश में मजबूत सुरक्षा तंत्र हो, सूर्य अपने […]

*जैसे ही आसमान में घनघोर घटा छायी, बिजली कड़क ने लगी, बादल भी अपने बरसने के पूरे मूड़ में आ गया और श्वेत से श्याम रंग धारण किया वैसे ही प्रीतेश के मन रूपी बादल के रंग भी बदलने लगे।*  वो कला रंग भी शायद अतित की काली यादों को […]

संगीत में रुचि तो बचपन से ही रही थी पर तब ज्यादा उसकी महत्व पता नही था। माँ को पुराने फिल्मी गाने बजाने का शौक था और हम भी उसमें रुचिवान होते गये। संगीत का प्रभु भक्ति के साथ भी संबंध है यह सब माँ ने बालक थे हम तभी […]

तुम क्यों आते हो सपने में? क्यों नींद से मुझे जगाते हो? मुझमें विश्वास जगाने को, क्यों उलझन में उलझाते हो? ये मरूस्थल सा तपता जीवन, निर्जन वन सा मेरा तन-मन, ये जब प्यासा मारा फिरता है, चलने में सौ बार फिसलता है, थक जाता जल को ढूंढ-ढूंढ, तब मूर्छित […]

तुम क्यों आते हो सपने में? क्यों नींद से मुझे जगाते हो? मुझमें विश्वास जगाने को, क्यों उलझन में उलझाते हो? ये मरूस्थल सा तपता जीवन, निर्जन वन सा मेरा तन-मन, ये जब प्यासा मारा फिरता है, चलने में सौ बार फिसलता है, थक जाता जल को ढूंढ-ढूंढ, तब मूर्छित […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।