हिंदी मातृभाषा है

1 0
Read Time1 Minute, 1 Second

हिंदी राष्ट्रभाषा है,हमारी मातृभाषा है।
दिलो को छू जाए, गौरवमई भाषा है।।

कण कण में भगवान है,अक्षर अक्षर में मिठास है।
हर अक्षर से शब्द बने, भावनाओ को व्यक्त करें।।

हिंदी से हिंदूस्तान है, संस्कृत से संस्कार है।
यहीं सभ्यता जन्मी, यही आस्थाओं की नगरी।।

हिंदी के रूप अनेक है, जिसमे गद्य, पद्य विशेष है।
कभी बच्चों को कहानी सुनाए,कविता कहके लोरी सुनाए।।

हिंदी मृदुभाषी है, हिन्दुस्तानीयो के रगो मे समाई है।
राजा हो या रकं, भगवान हो या भक्त, सभी के मन की भाषा है।।

हिंदी राष्ट्रभाषा है,हमारी मातृभाषा है।
हिंदी सहज सरल,अलौकिक भाषा है।।

#प्रियंका पांडेय त्रिपाठी
प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)

matruadmin

Next Post

फर्स्ट डेट

Tue Dec 15 , 2020
“आज उनसे पहली मुलाकात होगी फिर आमने सामने बात होगी फिर होगा क्या ;क्या पता क्या ख़बर; फिर होगा क्या ;क्या पता क्या ख़बर”? आज गीतिका बहुत खुश थी और दुनिया से बेखबर होकर वह मन ही मन यह गीत गुनगुना रही थी क्योंकि आज उसकी अपने मंगेतर गिरीश के […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।