समर्पण

devendr soni
सच ही है यह
असहाय हो जाता है
उस वक्त एक पिता
जब समर्पित कर देता है वह
अपने जिगर के टुकड़े को
दस्तूर और विश्वास के चलते
एक अजनबी के हाथ।

मानकर यह – कि रहेगी वहाँ
सदा सुखी और सम्पन्न
मिलेंगी उसे खुशियां अपार
होगा उसका अपना भी घर-संसार।

पर टूट जाता है यह विश्वास तब
जब बेटी होती है ससुराल में आहत
बात-बात पर मिलते हैं ताने
हो जाते हैं जैसे सब बेगाने
सम्पूर्ण समर्पण के बाद भी ।

समझें इसे –
आती है जब भी कोई
नवविवाहिता घर में हमारे
होता है उसके लिए सबकुछ नया।

लगता है समय –
नये माहौल , नये परिवेश में
ढ़लने के लिये उसे
क्योंकि,
छोड़ती है वह  , बाबुल का घर
जहां बड़ी होकर भी
रहती है सदा ही बच्ची बनकर।

छोड़ती है स्वतंत्रता भी अपनी
नए घरौंदे को सहेजने के लिए।

नहीं जानती –
क्या होता है समर्पण
पर करती है वह इसे भी पूरा
समझ से अपनी ।

हमें भी समझकर यह सब –
अपनाना होगा उसे ।

देना होगा वह माहौल
जिससे फलित हो समर्पण उसका
सबको प्रमुदित करने के लिए ।

बनाएंगे न हम माहौल ऐसा ..?
समर्पण की सार्थकता के लिए !

#देवेंन्द्र सोनी

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।