मैं हूँ खुशरंग हिना

kumari archana
हिना ही तो हूँ मैं,
हिना हाथों पे
अपना रंग छोड़ती है,
मैं लोगों के चेहरे पे मुस्कान।
वो भी खुद सिलबट्टे पे
घिस-घिसकर पिस जाती,
और मैं भी तुम्हारे इंतजार में
रोज-रोज मिटकर,
प्यार तो हम दोनों ही करते
बस फ़र्क इतना है,
कोई घिसकर तो
रोज जीकर मरता।
कैसी विरह की आग है
जिसमें कोई एक बार भस्म हो जाता,
कोई पतंगे-सा तड़प-तड़प के
क्यों मोहब्ब़त में इतना ग़म मिलता है,
कभी प्रेमी,प्रेमिका से मिलता है तो
कभी प्रेमी-प्रेमिका किसी और
के हो जाते,
जैसे हिना किसी और के
हाथों में सजती है,
क्या मैं भी किसी और की
दुल्हन बन सजूँगी मिटने के लिए,
या कई हाथों का
खिलौना बन जाऊँगी।
फिर उन वफाओं का क्या!
उस मोहब्ब़त का क्या…
उस इबादत का क्या,
उस एतब़ार का क्या
और उस इंतज़ार का,
जो मैंने किया तुम्हारे लिए।
जवानी से लेकर ढलती जवानी तक,
दमकती से लेकर झुर्रियाँ
पड़ती चमड़ी तक
पतली से बैडोल होती काया तक,
गुजरे जमाने से लेकर आज तक
क्या यूँ बेकार हो जाएंगे,
जब मुझे तुम्हारी नहीं,
किसी और की होना था॥
                                                                               #कुमारी अर्चना

परिचय: कुमारी अर्चना वर्तमान में राजनीतिक शास्त्र में शोधार्थी है। साथ ही लेखन जारी है यानि विभिन्न पत्र- पत्रिकाओं में निरंतर लिखती हैं। आप बिहार के जिला-पूर्णियाँ ( हरिश्चन्द्रपुर) की निवासी हैं।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।