आज सुबह मोबाईल से लगातार मेसेज की ट्रीन-ट्रीन आने लगी तो अलार्म से पहले ही नींद खुल गई। पता चला आज तो होली का त्यौहार है। इस भागती-दौडती जिन्दगी में मोबाईल और टी.वी से ही तो सब पता चलता है।अखबार आ चुका था ।उठाते ही मेरे हाथ रंगीन हो गए।अखबार […]

दीप जला अर्चन करू, मन में पूजा भाव । नव दिन का नवरात्रि है, मइया देती छाव ॥1॥ माता के दरबार में, भक्तों का भरमार । पूजन वंदन कर रहे, माँ का बारम्बार ॥2॥ थाल सजा पूजन किया, नव दुर्गा का आज । भक्त सभी दर्शन किये, पूर्ण हुआ सब […]

सेवा शिष्टाचार ही, मानव की पहचान । जन प्रत्येक इसी लिए, दिख रहे परेशान । दिख रहे परेशान,आचरण अच्छा रखना । किये नहीं सत्कार, कहेंगे कैसे अपना । ‘रीत’‘कहे यह बात,मिलेगाकैसे मेवा । अच्छे रखो विचार, करो तुम सबकी सेवा ॥1॥ पक्षी सब आजाद हैं, नभ के छूते छोर । […]

भारत के हो लाल तुम्हारा अभिनंदन ! किया जो तुमने कमाल तुम्हारा अभिनंदन ! देश के नौनिहाल तुम्हारा अभिनंदन ! अरि को मार गिराय तुम्हें करते वंदन ! बनकरखड़े मिशालतुम्हारा अभिनंदन ! देश खुशी के साथ करे तुम्हरा अर्चन ! दुश्मन को दिये मात तुम्हारा अभिनंदन ! मस्तक तिलक लगाओं […]

दीपक से हमने सीखा, जलना क्या होता है । तिल-तिल जल-जल करके, ऐसे मरना क्या होता है । दीपक सबको देती उजाला, खुद अधियारों में रहकर । सीख लो उससे जीना तुम भी, दुःख सहना होता है क्या ? विरह व्यथा होती बड़ी दारूढ़, सहनाही पड़ता है । अपनों के […]

आया है प्यारा वसंत मन भावन पावन वसंत । धरती पर छायी हरियाली नयी उमंग छायी खुशहाली । कोयल काली कूक रही है वृक्षों पर वह झूल रही है । नव कोपल डाली मुसकाये देखो अब ऋतुराज जी आये । पीला पीला खिला है सरसों ऐसा दृश्य दिखा था बरसों […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।