पिता का साथ

aarav

गलत राह में जाने से रोकते हैं,
हर बार सही राह दिखाते हैं l
सही-गलत की बात बताते हैं, पिताजी हर वक्त साथ निभाते हैं ll

कुछ वक्त प्यार मन में छुपाते हैं,
कुछ वक्त उसे दर्शाया करते हैं l
हर वक्त हमारे बारे में सोचते हैं,
पिताजी हर वक्त….ll

कभी गलत करने पर गुस्सा करते हैं,
उसके बाद हल्के से मुस्काया करते हैं l
हर वक्त हमारी भलाई की बात बताते हैं, पिताजी हर वक्त….ll

हमारी जरूरतों को बिन बोले जान जाते हैं, हमेशा दुख को हमसे दूर छोड़ आते हैं l हमारी खुशियों का खयाल रखते हैं, पिताजी हर वक्त….ll

कभी असफल होने पर गलतियां बताते हैं,
भविष्य सुधारने का सही मार्ग दिखाते हैं l हमें हमारे लक्ष्य की राह दिखाते हैं, पिताजी हर काम में साथ निभाते हैं ll

हर बार हमारे मन की बात जान जाते हैं, हर मुश्किल से हमें लड़ना सिखाते हैं l हमेशा सच्चाई का फायदा बताते हैं, पिताजी हर वक्त….ll

हम भी कभी उनसे दूर जाना नहीं चाहते हैं, उनका हर वक्त खुशियों से सजाना चाहते हैं l उनकी मुस्कुराहट चेहरे पर सजी रहे हमेशा, उनके साथ यूँ ही वक्त खुशियों से बिताना चाहते हैं ll

                                                            #आरव शुक्ला
परिचय : आरव शुक्ला अभी छात्र हैं,पर कविताएँ रचने का शौक रखते हैं। इनका निवास रायपुर के सुन्दर नगर (छत्तीसगढ़) में है। केवल पंद्रह वर्ष के आरव की जिंदगी को लेकर खुली समझ इनके लेखन को प्रदर्शित करती है।

matruadmin

Next Post

वो देवता ऐसा हुआ

Sat Oct 7 , 2017
ख़्वाब बन के दिल में आया रूह  में जलवा हुआ, हो रहा है जिन्दगी में सब मिरा सोचा हुआl यूं भी पूरा अक्स दिखलाने के काबिल था नहींं।                                              […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।