पिता का साथ

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aarav

गलत राह में जाने से रोकते हैं,
हर बार सही राह दिखाते हैं l
सही-गलत की बात बताते हैं, पिताजी हर वक्त साथ निभाते हैं ll

कुछ वक्त प्यार मन में छुपाते हैं,
कुछ वक्त उसे दर्शाया करते हैं l
हर वक्त हमारे बारे में सोचते हैं,
पिताजी हर वक्त….ll

कभी गलत करने पर गुस्सा करते हैं,
उसके बाद हल्के से मुस्काया करते हैं l
हर वक्त हमारी भलाई की बात बताते हैं, पिताजी हर वक्त….ll

हमारी जरूरतों को बिन बोले जान जाते हैं, हमेशा दुख को हमसे दूर छोड़ आते हैं l हमारी खुशियों का खयाल रखते हैं, पिताजी हर वक्त….ll

कभी असफल होने पर गलतियां बताते हैं,
भविष्य सुधारने का सही मार्ग दिखाते हैं l हमें हमारे लक्ष्य की राह दिखाते हैं, पिताजी हर काम में साथ निभाते हैं ll

हर बार हमारे मन की बात जान जाते हैं, हर मुश्किल से हमें लड़ना सिखाते हैं l हमेशा सच्चाई का फायदा बताते हैं, पिताजी हर वक्त….ll

हम भी कभी उनसे दूर जाना नहीं चाहते हैं, उनका हर वक्त खुशियों से सजाना चाहते हैं l उनकी मुस्कुराहट चेहरे पर सजी रहे हमेशा, उनके साथ यूँ ही वक्त खुशियों से बिताना चाहते हैं ll

                                                            #आरव शुक्ला
परिचय : आरव शुक्ला अभी छात्र हैं,पर कविताएँ रचने का शौक रखते हैं। इनका निवास रायपुर के सुन्दर नगर (छत्तीसगढ़) में है। केवल पंद्रह वर्ष के आरव की जिंदगी को लेकर खुली समझ इनके लेखन को प्रदर्शित करती है।

matruadmin

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।