वो देवता ऐसा हुआ

kalpana gagada

ख़्वाब बन के दिल में आया रूह  में जलवा हुआ,
हो रहा है जिन्दगी में सब मिरा सोचा हुआl

यूं भी पूरा अक्स दिखलाने के काबिल था नहींं।                                                        कल तलक जो आईना न था टूटा हुआ।

मैं फ़ज़ाओं में परिन्दे की तरह उड़ने लगी,
जिस्म कल तक था पुरानी याद से जकड़ा हुआl

तीर की मानिन्द लब से कैसे निकला एक लफ़्ज़,
फिर तो अपने-आप ही  मैं रात शर्मिन्दा हुआl

एक ने तोड़ा मुझे तो एक ने जोड़ा मुझे,
अब मिरे माज़ी का दरपन किस क़दर उजला हुआl

दिल में कितना दर्द जागा रात की तन्हाई में,
राब्ता कोई नहीं है फिर भी जाने क्या हुआl

दिल कुरदा जा रहा था मेरा माज़ी के लिए,
अनगिनत ज़ख़्मों में उभरा दर्द भी गहरा हुआl

इस मोहब्बत का सलीका मुझको बचपन में मिला,
वो मिरे किरदार की तामीर का हिस्सा हुआl

हाथ में आया जो तेरा हाथ तो ऐसा लगा,
कैसी क़ुदरत है कि अब तक था यही छूटा हुआl

`कल्पना` को दर्द से जिसने दिलाई है निजात,
मेरी नज़रों के लिए वो देवता ऐसा हुआll

                                                                     #कल्पना गागडा़
परिचय : कल्पना गागड़ा हिमाचल राज्य के शिमला में रहती हैं। पेशे से आप सरकारी शिक्षा संचालनालय में अधीक्षक(वर्ग २)हैं। लिखने की वजह शौक है।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।